जब यूपी में धर्म और पंथ के नाम पर नेता एक दूसरे पर कीचड़ उछाल रहे हैं, इलाहाबाद उमरपुर, नीवा के एक हाजी ने अनूठी मिसाल पेश की है।
पांच वक्त के नमाजी हाजी एखलाक अहमद ने मधुबन विहार कॉलोनी में शिव मंदिर बनाने के लिए न सिर्फ अपनी जमीन दान में दी बल्कि मंदिर का शिलान्यास भी किया।
मंदिर बनाने के लिए ईंट और चंदे के तौर पर रकम भी दी। कालोनी ही नहीं, पूरे क्षेत्र में हिन्दू, मुस्लिम सबके बीच अब्बू के नाम से मशहूर हाजी ने बृहस्पतिवार को महाशिवरात्रि के मौके पर इसी मंदिर में बने सत्संग हाल का उद्घाटन किया।
हाजीजी की इस पहल ने सांप्रदायिक सद्भाव को तो मजबूती दी ही, तमाम फिरकापरस्त ताकतों को हाशिये पर ला खड़ा किया है।
महागौरी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सुबह महारुद्राभिषेक के बाद सुंदरकांड का सामूहिक पाठ किया गया। बाद में हाजी एखलाक अहमद ने हाल का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में कालोनी निवासियों के साथ ही नीवा, सलोरी के सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि उनकी मांग पर हाजीजी ने महागौरी मंदिर के लिए जमीन दी और मंदिर निर्माण के लिए सबसे ज्यादा सहयोग भी।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में हाजी एखलाक ने कहा, ‘सबका मालिक तो एक ही है, फिर मजहब अलग-अलग हों तो क्या।’
सामाजिक सरोकारों के लिए जुटे हाजीजी ने मंदिर निर्माण में मदद के साथ ही मशहूर खजूर वाली मस्जिद का भी जीर्णोद्धार कराया।
अशफाक मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी के संरक्षक अब्बू की देखरेख में संचालित मदरसे में बच्चे दीनी और दुनियावी तालीम सीख रहे हैं।
क्षेत्रीय लोगों के लिए भी अब्बू किसी संरक्षक की तरह ही हैं जो धार्मिक अनुष्ठान हो या निजी मुश्किलें, सभी में साथ खड़े मिलते हैं।