एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार।
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सरयू-यमुना एक्सप्रेस में महिला मुख्य आरक्षी पर हुए जानलेवा हमले की जांच एसटीएफ भी करेगी। प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी विजय कुमार, स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था एवं अपराध प्रशांत कुमार और एडीजी जीआरपी जय नारायण सिंह ने सोमवार दोहपर राजधानी स्थित केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर जाकर मुख्य आरक्षी का हाल जाना। इससे पहले हाईकोर्ट ने रविवार देर रात इस मामले में दर्ज पीआईएल का संज्ञान लेते हुए स्पेशल बेंच बैठाकर सरकार से जवाब-तलब किया था।
हाईकोर्ट के इस रुख के बाद डीजीपी ने जीआरपी और स्थानीय पुलिस के साथ एसटीएफ को भी हमलावरों को तलाशने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल महिला मुख्य आरक्षी की तबीयत ठीक है। उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया है, उनको जल्द पकड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी जांच में सामने आए तथ्यों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती है। वहीं स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि फॉरेंसिक जांच में महिला के साथ यौन शोषण होने की पुष्टि नहीं हुई है। अभी वह बोल नहीं पा रही है, उसके ठीक होने के बाद बयान दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में हाईकोर्ट द्वारा दिए गये निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
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अधिकारी लगातार कर रहे कैंप
विगत 29/30 अगस्त की रात मनकापुर से अयोध्या जा रही सरयू-यमुना एक्सप्रेस में महिला सिपाही पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था। सुबह चार बजे अयोध्या रेलवे स्टेशन में मुख्य आरक्षी को जनरल बोगी में खून से लथपथ मिलने के बाद तत्काल प्राथमिक उपचार कराकर राजधानी के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारी लगातार अयोध्या में कैंप कर हमलावरों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।