रायबरेली। ग्राम पंचायत के स्वामित्व की जमीन पर कब्जा दर्शाकर भूमि को अपने नाम कराने के लिए दायर तीन वादों को सुनवाई के बाद एसडीएम सदर प्रफुल्ल ने खारिज कर दिया है। जांच में वादीगणों का संबंधित भूमि पर कब्जा न होने और भूमि का स्वामित्व सरकारी होने के कारण पक्षकारों को असंक्रमणीय भूमिधर बनाने से इन्कार कर दिया गया।
सदर तहसील क्षेत्र के पूरे मेहरबान मजरे ओया निवासी चमन बेगम पत्नी मो. उस्मान, बेलाभेला निवासी विजय लक्ष्मी पत्नी विनोद कुमार व पूरे डिहुआ मजरे पोरई निवासी सीताराम पुत्र गुरुदीन ने मिनिमुजुला गाटा संख्या 1054 की जमीन पर बीते लंबे समय से काबिज होने के कारण असंक्रणीय भूमिधर बनाने की मांग का अलग-अलग वाद एसडीएम सदर कोर्ट में दाखिल किया था।
एसडीएम के आदेश पर हुई जांच में भूमि ग्राम पंचायत के कब्जे में मिली, जबकि वादी ने अपना कब्जा होने का दावा किया था। जांच में संबंधित किसी भी जमीन पर वादीगणों का कब्जा नहीं मिला। इससे जमीन पर जबरन कब्जा करने की नीयत से वाद दाखिल किए जाने की आशंका के बाद एसडीएम सदर प्रफुल्ल कुमार शर्मा की कोर्ट ने सुनवाई के बाद तीनों मुकदमों को खारिज कर दिया।