अक्षय तृतीया पर कपीश्वर वैदिक गुरुकुल में 42 बटुकों का उपनयन संस्कार किया गया।
लखनऊ। अक्षय तृतीय के अवसर पर प्राचीन श्री लेटे हुए हनुमान जी मंदिर की ओर से संचालित कपीश्वर वैदिक गुरुकुल के नवप्रवेशित बाल ब्रह्मचारी 42 बटुकों का रविवार को वैदिक रीति से उपनयन संस्कार किया गया। मंदिर के मुख्य सेवादास व गुरुकुल प्रमुख डॉ. विवेक तांगड़ी ने इस अवसर पर कहा कि वेद विद्या पर किसी एक विशेष वर्ण का अधिकार नहीं है बल्कि यह सभी सनातन को मानने वाले वर्णों के लिए सुलभ है।
डॉ. विवेक तांगड़ी ने कहा कि सोलह संस्कारों में से एक उपनयन संस्कार सनातन में वेद अध्ययन के लिए प्रथम मानक है। कपीश्वर वैदिक गुरुकुल में सभी वर्णों के बालक वेद अध्ययन करते हैं और सभी वर्णों के बटुकों का रविवार को उपनयन संस्कार किया गया जो कि वेद विद्या आरंभ होने से पूर्व का एक विशेष संस्कार है। जाति प्रथा के भेद को मिटाने और सामाजिक समरसता बनाने के लिए यह एक अनूठा प्रयास है।
वेद ध्वनियों के बीच यह उपनयन संस्कार संपन्न हुआ। इस अवसर पर जूना अखाड़े से स्वामी परमानंद गिरी महाराज, क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पंकज सिंह भदौरिया, गौड़ ब्राह्मण सभा के ऋद्धि किशोर गौड़, खत्री सभा से अजय मेहरोत्रा, इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के राष्ट्रीय पदाधिकारी अलकेश सोती, अग्रवाल सभा लखनऊ से आशीष अग्रवाल और पंजाबी एसोसिएशन से सुरेंद्र सूदन समेत अभिभावक व श्रद्धालु मौजूद रहे।