फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस केस से जुड़ी हर पोस्टमार्टम रिपोर्ट होगी ऑनलाइन, हाईकोर्ट ने दी सुनवाई के दौरान जानकारी

Mon, 03 Dec 2018 09:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
लखनऊ हाईकोर्ट
विज्ञापन

प्रदेश में पुलिस केस में तैयार होने वाली सभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड की जाएंगी। अपर महाधिवक्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में एक जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी।

विज्ञापन


जस्टिस अताउर्रहमान मसूदी को अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही और अधिवक्ता एसएन तिलहरी ने बताया कि प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने 27 नवंबर को एक शासनादेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सभी जिलों में पुलिस केस से जुड़ी पोस्टमार्टम ऑनलाइन की जाएं।

सुनवाई के समय हाईकोर्ट में गृह विभाग के विशेष सचिव एसपी उपाध्याय, वित्त के विशेष सचिव ओपी द्विवेदी, पुलिस के अपर महानिदेशक (तकनीकी सेवा) आशुतोष पांडेय और वित्त नियंत्रक हरिचरण सिंह व कुछ समीक्षा अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे।
विज्ञापन


इस मौके पर हाईकोर्ट ने केस डायरी को भी ऑनलाइन करने का मामला उठाया। इस पर बताया गया कि इसके लिए पुलिस विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटरों व अन्य कमियों को दूर करने के लिए सरकार दिसंबर के तीसरे हफ्ते में भर्तियां शुरू करने जा रही है। इन्हें सभी पुलिस स्टेशनों में लगाया जाएगा। वे ऑनलाइन कार्यों को अंजाम देंगे। हाईकोर्ट ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया।

विज्ञापन

चार हफ्ते में नियम तय कर पैसा जारी करें

पुलिस थानों में ऑनलाइन कार्यों के लिए उपकरण व ढांचा बनाने के लिए खर्च को लेकर विशेष सचिव गृह एसपी उपाध्याय ने बताया कि बजट आवंटन में कोई दिक्कत नहीं है। हालांकि इसके लिए पुलिस विभाग को खर्च का आकलन करके बताना होगा। इसमें टोनर, प्रिंटर, स्टेशनरी, स्कैनर आदि सामान शामिल हैं। 

हाईकोर्ट ने कहा, आशुतोष पांडेय सभी थानों की जरूरतों के बारे में आंकड़े जुटाकर दो हफ्ते में वित्त विभाग को भेजें। वित्त विभाग चार हफ्ते में सभी नियमावली तय करके गृह विभाग को पैसा आवंटित करे। इसका हलफनामा भी कोर्ट में प्रस्तुत किया जाए। अगली सुनवाई एक जनवरी को रखी गई है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें