विधानमंडल सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था का मुद्दा छाया रहेगा। पिछले एक महीने में आजमगढ़, गोरखपुर, जौनपुर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, लखीमपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, बागपत, बुलंदशहर, अलीगढ़, हापुड़, गाजियाबाद व फिरोजाबाद में हुई घटनाओं का मुद्दा सदन में उठना तय है। हाल के दिनों में हुई अपहरण और दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर भी विपक्ष सरकार को घेरने का प्रयास करेगा।
मानसून सत्र में समाजवादी पार्टी सरकार पर पूरी तरह हमलावर रहेगी। सदन की बैठक शुरू होने से ठीक पहले पार्टी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देगी। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने 20 अगस्त को सुबह 9 बजे विधानभवन स्थित पार्टी विधान मंडल दल कार्यालय में विधायकों की बैठक बुलाई है।
पार्टी के रुख से पता चलता है कि कोरोना के कहर, इलाज में दुश्वारियों, पुलिस मुठभेड़ जैसी घटनाओं को लेकर सरकार को घेरने की पूरी कोशिश होगी। कर्मचारियों की छंटनी, वेतन-भत्तों में कटौती, स्कूलों में जबरन फीस वसूली, किसानों को हो रही खाद की परेशानी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरेगी।
पटेल ने विधायकों से आग्रह किया है कि बैठक में और सदन में कोरोना गाइडलाइन का पालन करें। एक-दूसरे से दो मीटर की शारीरिक दूरी रखें और मास्क का प्रयोग करें।