पुलिस अफसर हैं कि करेंगे सब कुछ पर कुबूलेंगे कुछ नहीं। अगर पूछ भी लिया जाए तो या तो एकदम अनजान बन जाएंगे या फिर कोई ऐसा बहाना बना देंगे जिससे मामला आया-गया हो जाए।
पिछले दिनों एक विवादास्पद मामले की जांच करने वाले विवेचना अधिकारी को आरोपियों की पैरवी पर हटा दिया गया।
विवेचना अधिकारी के पैरोकार अफसर ने इस पर आपत्ति जताई तो तबादला यह कहकर रोक दिया गया कि ऐसा प्रक्रियागत तरीके से हुआ था और इसके पीछे किसी का दबाव या कोई खास मंशा नहीं थी।
कुछ दिनों तक तो सब सही रहा पर जैसे ही विवेचना अधिकारी की पैरवी करने वाले अफसर अवकाश पर गए, अफसरों ने विवेचना अधिकारी के फिर से तबादले के आदेश कर दिए।
जब पूछा गया तो अधिकारी ने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया कि ऐसा कोई तबादला नहीं हुआ है, जरूर कोई गलतफहमी हुई है।
अब गलतफलहमी किसे हुई है यह तो तबादले का आदेश ही साबित कर रहा है। -दर्शक