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15 साल के अनुभव को नकार रहा आयोग

Sat, 12 Oct 2013 09:48 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों में 15 साल से गेस्ट लेक्चरर के रूप में पढ़ाने वाले प्रोफेसर नहीं बन पाएंगे।
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लोक सेवा आयोग ने उनके अनुभव को प्रोफेसर के पद के लायक नहीं माना है। यही नहीं, उन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाने वाले चार अधिकारियों पर कार्रवाई भी कर दी है।

प्रांतीय होम्योपैथिक शिक्षक सेवा संघ ने इसका विरोध करते हुए इन शिक्षकों के हक की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। प्रदेश के राजकीय होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए वर्ष 1998 में गेस्ट लेक्चरर रखने का शासनादेश हुआ था।
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यह थी व्यवस्था
इन्हें प्रति लेक्चर 150 रुपये दिए जाने की व्यवस्था की गई थी। साथ ही तय हुआ था कि एक महीने में 20 से ज्यादा लेक्चर न हो पाएं। शासनादेश के बाद रिक्त पदों के सापेक्ष होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों में 24 गेस्ट लेक्चरर की तैनाती की गई थी। इनमें 7 लखनऊ, 5 कानपुर, 4 फैजाबाद, 2 गाजीपुर और 6 आजमगढ़ में तैनात किए गए थे।
टूट गई उम्मीद
इसके बाद गेस्ट लेक्चरर अपना कार्य करते रहे। इन 15 वर्षों में मजदूरों की दिहाड़ी तक बढ़कर 250 रुपये से ज्यादा हो गई, लेकिन गेस्ट लेक्चरर इसी आशा में पढ़ाते रहे कि जब भी भर्ती होगी तो उन्हें अध्यापन कार्य के अनुभव का फायदा मिलेगा, लेकिन न तो होम्योपैथी विभाग के अधिकारियों ने उनकी चिंता की और न ही शासन ने।

लोक सेवा आयोग ने जब प्रोफेसर के पद पर विज्ञापन निकाला तो इन गेस्ट लेक्चरर्स ने भी आवेदन किए लेकिन इनके अनुभव को दरकिनार कर दिया गया। यहां तक कि इन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाने वाले चार अधिकारियों पर ही कार्रवाई कर दी।
अब इन लेक्चरर की लड़ाई के लिए प्रांतीय होम्योपैथी शिक्षक संघ सामने आया है। वह शासन में इनकी पैरवी करेगा, जिससे इनके अनुभव को मानकर इन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाया जा सके।
अब तक इन्हीं के सहारे बचा रहे थे मान्यताराजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर, रीडर और लेक्चरर की कमी है। इसके चलते केंद्रीय होम्योपैथिक परिषद भी मेडिकल कॉलेजों को मान्यता रद्द करता रहता है।
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हालत ये है कि जहां एक होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में 43 शिक्षक होने चाहिए, वहीं प्रदेश के सभी सातों मेडिकल कॉलेजों में ही कुल 50 शिक्षक हैं। ऐसे में इन गेस्ट लेक्चरर से ही मान्यता बचाई जा रही थी लेकिन लोक सेवा आयोग ने इनके अनुभव को ही दरकिनार कर दिया है।

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