जब से लखनऊ से नरेंद्र मोदी के चुनाव लड़ने की चर्चाएं शुरू हुई हैं अटल की संसदीय सीट के उत्तराधिकारी ‘बाबू जी’ खासे परेशान हैं।
जहां जाते हैं वहां कोई किसी न किसी बहाने उनसे इसका जिक्र करके घाव हरा कर ही देता है। अब कहां-कहां और किस-किस को सफाई दें।
उनकी अपनी ही पार्टी के लोग ही नमो-नमो का जाप करके ‘बाबू जी’ की राह में रोड़े अटकाने में जुटे हैं तो पराये कहां चूकने वाले। पिछले दिनों राजभवन में रोजा इफ्तार के मौके पर ‘बाबू जी’ भी पहुंचे।
संयोग से उनका सामना कांग्रेस के प्रमोद तिवारी से हो गया। कांग्रेस नेता ने अपने चिर-परिचित अंदाज में चुटकी ली कि मोदी ने तो आते ही आपका पत्ता काट दिया। अब क्या करेंगे? ‘बाबू जी’ हौले से मुस्कराकर रह गए।
प्रमोद पूरे मूड में थे। फिर तंज कसा। बेचारे ‘बाबू जी’ क्या जवाब दें। दायें-बायें ऐसी जगह तलाशने लगे जहां प्रमोद की आवाज उनकी कान तक न पहुंचे। मौका देखकर प्रमोद के पास से खिसक गए।
भले ही जगह बदल दें लेकिन इस तरह की चर्चाओं से मन तो दुखी होता ही है। ऐसे में कोई चुटकी लेने लगे तो कन्नी काट लेना ही बेहतर है।