पुलिस महकमे में भर्तियों का दौर फिर से आ गया है। अधिकारियों की ड्यूटी तय की जा रही हैं। लेकिन जिनकी ड्यूटी लग रही है वे भर्ती के पुराने काले अध्याय को याद करके सकते में हैं।
इसलिए इस बार अफसर यही मना रहे हैं कि भर्ती कार्यक्रम में उनकी ड्यूटी न लगे। ऐसे ही एक अफसर हैं जो रिटायरमेंट की कगार पर हैं। उनकी ड्यूटी कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती में लगा दी गई है।
उन्हें डर है कि कहीं कोई ऊंच नीच हो गई तो जाते जाते दाग लग जाएंगें। ये अफसर अपने साथियों के बीच यही रोना रो रहे हैं कि हम तो कम्प्यूटर के बारे में इतना जानते भी नहीं है फिर भी हमारी ड्यूटी लगा दी है।
समझ में नहीं आ रहा है हम क्या करेंगे? ये नौकरी भी, पता नहीं क्या-क्या दिन दिखाती है। चैन से रिटायर भी नहीं हो सकते।