पिछले दिनों उपचुनाव कराने के लिए सूबे के कई नौकरशाह चुनाव आयोग की ओर से गुजरात भेजे गए थे। समाजवादी सरकार के मुरीद एक अफसर का तो पूरी तरह से मूड ही बदल गया है।
जबकि दूसरे मोदीराज का बखान करते नहीं थक रहे। एक अफसर बताते हैं कि गुजरात में एक-एक अफसर 2-3 साल तक एक पद पर रह रहा है। वहां के एक सीनियर आईएएस का हवाला देते हुए समझाया कि पिछले 10 वर्ष में उनके कुल जमा पांच ट्रांसफर हुए हैं वह भी दो उनके मांगने पर।
यूपी में जमीन पर काम करने वाला कलेक्टर तक दो-तीन महीने में बदल जा रहा है। 24 घंटे बिजली देने का दावा कर सत्ता में आने वाले यहां अपना पूरा समय पिछली सरकारों को ‘गरियाने’ में बिता रहे हैं।
वहां 24 घंटे बिजली आपूर्ति एक हकीकत है। जिस विधानसभा क्षेत्र में उनकी ड्यूटी थी वहां हजारों की संख्या में लघु उद्योग चल रहे हैं, वह भी पूरी रफ्तार से। यहां बंद होते जा रहे हैं।
नहरों पर सोलर लाइट ने वहां के किसानों की तकदीर बदल दी। दूसरे अफसर की मानें तो गुजरात के लोगों में मोदी को गलत कहने पर गुस्सा आने लगा है। वहां के कांग्रेसी मोदी पर आरोप जड़ते रहे, आम चुनाव हार गए।
उपचुनाव में उल्टा सीधा कहना शुरू किया तो सूपड़ा साफ हो गया। अब यूपी में यही हो रहा है। हर कोई मोदी को गाली दे रहा है। इससे मोदी का रथ बढ़ेगा, थमेगा नहीं।