एलडीए के एक सहायक अभियंता अपने जोन में टिके रहें, इसको लिए एक
विधायक और राज्य मंत्री ने तीन बार लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को
पत्र लिखा।
जबकि, अभी इस तरह की कोई भी सुगबुगाहट भी नहीं है। इससे पहले
कई अभियंताओं को प्राधिकरण से बाहर का रास्ता दिखाया गया। इसके बाद अब
स्थान परिवर्तन की भी तैयारी चल रही है।
ऐसे में अपने-अपने कमाऊ जोन में
बने रहने के लिए अभियंताओं ने हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए हैं।
हाल
ही में लखनऊ विकास प्राधिकरण से दो अधिशासी अभियंताओं से सहित पांच
अभियंताओं को कार्य मुक्त कर दिया गया है।
इनमें दो अधिशासी अभियंताओं और
एक सहायक अभियंता का तबादला कार्य में ढिलाई की शिकायत पर किया गया है। हाल
ही शासन ने एलडीए के पांच अभियंताओं का तबादला कर दिया था।
इसके बाद ये
अभियंता तबादला रुकवाने के लिए जोड़-तोड़ में लगे थे। तबादला होने के बाद
जिन अभियंताओं को एलडीए से कार्य मुक्त किया गया है, उनमें अधिशासी अभियंता
सुबोध राय, पीसी पांडेय, सहायक अभियंता बसंत लाल, एके सिंह और अवर अभियंता
एके सिंह शामिल हैं।
अब सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं के बीच में यह
डर बना हुआ है कि, बहुत जल्द ही उनको उनके इलाके से बेदखल किया जा सकता है।
इसलिए मंत्री स्तर पर जोड़तोड़ जारी है।
जोन-10 के सहायक अभियंता संजय
शुक्ला का यह मामला है। संजय जानकीपुरम का क्षेत्र देखते हैं। उनकी
पैरोकारी में राज्य मंत्री उतर आए हैं। राज्य मंत्री ने प्राधिकरण के
अधिकारियों को तीन पत्र लिख सिफारिश की।
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