प्रदेश में सालों बाद पीसीएस से आईएएस बनने का मौका अफसरों को मिला।
ढलती उम्र में आईएएस बनने वालों की डीएम बनने की तमन्ना कुलांचें मारी रही है। ऐसे ही बापू भवन में बैठने वाले अधिकारी जब से आईएएस बने हैं तब से जिलों में जाने की बाट जोह रहे हैं।
चर्चा तो यहां तक है कि एक बार सूची में उनका नाम शामिल हो गया था। इसमें जिले की कमान दी जा रही थी, लेकिन ऐन वक्त पर नाम कट गया। तब से वे बहुत खिन्न चल रहे हैं।
हर आने-जाने वाले से यह चर्चा करते रहते हैं कि देखो कल के लड़के जिले की कमान पा रहे हैं और योग्य व अनुभवी अफसरों की ओर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा।
नाराजगी का आलम यह है कि वे केवल ड्यूटी ही कर रहे हैं। समय से आते हैं और समय पूरा होते चलते बनते हैं।
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