शिक्षा विभाग में निदेशक पद को लेकर सब कुछ शांति से चल रहा था। हाईकोर्ट के आदेश ने सब कुछ गड्डमड्ड कर दिया।
हाईकोर्ट का एक पद और एक अधिकारी का फॉर्मूला, विभाग के लोगों को भी रास आ रहा है। इसी आधार पर जांच कमेटी बनी और रिपोर्ट पंचम तल पर भेज दी गई।
रिपोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश पर अमल की बात कही गई है। अब इसे लेकर हायतौबा मची हुई है। वजह साफ है।
जिस अफसर से एक पद लेने की बात कही गई है, वे जाति विशेष के हैं।
उनका तर्क है कि पिछली सरकारों में उनकी उपेक्षा हुई है, इस सरकार में भी उनके खिलाफ साजिश हो रही है। इसी को लेकर पंचमतल पर रिपोर्ट रुक गई है।