किसी पार्टी के बड़े नेता का कार्यक्रम हो और वे समय से न पहुंच पा रहे हों तो आयोजक किस-किस तरह के बहाने बताते हैं, हर कोई वाकिफ होगा।
मगर दो दिनी आईटी शो के पहले दिन मुख्यमंत्री के न पहुंचने पर प्रतिभागियों को रोके रखने के लिए आयोजकों ने बड़ी संजीदगी से ऐसी-ऐसी वजहें बताईं कि सुबह 10.30 बजे से शाम के पांच बज गए, प्रतिभागी टस से मस नहीं हुए।
पहले व्यस्तता की वजह से उद्घाटन सत्र में न पहुंचने का बहाना, फिर ढाई बजे आने की बात।
इसके बाद चुनाव प्रचार में बाहर जाने और ठीक साढ़े तीन बजे आने की पक्की सूचना दी गई। जब साढ़े तीन बजा तो लास्ट सेशन में आने की बात।
मगर शाम को करीब पांच बजे जब आधिकारिक रूप से सीएम के न आने की घोषणा की गई तो लोग एक दूसरे का मुंह ताकते रह गए।
देश भर से आए निवेशकों ने भी माना कि यूपी के अफसरों के दिमाग का जवाब नहीं।