आसिफ कहते हैं कि मेरी किस्मत अच्छी थी कि किसी तरह जान बच गई। घटना के दो मिनट के अंदर ही मौत हमारे बेहद करीब आ गई थी। मुख्य दरवाजा बंद हो चुका था। हमने किसी तरह खिड़की का शीशा तोड़ा और इंटरनेट के केबल के सहारे नीचे कूदने का फैसला किया। नीचे भारी भीड़ जमा थी और लोग चिल्ला रहे थे कि बस नीचे कूद जाओ, जिंदगी बच जाएगी। हमारे पांच से छह साथी ही किसी तरह नीचे कूदकर मौत के मुंह से बाहर निकल पाए। अन्य साथी भीतर फंस गए और दम तोड़ दिया।