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अलीगंज अग्निकांड: बिजली ऑडिट के बिना इमारत में लंबे समय से चल रहा था कारोबार, बड़ी लापरवाही आई सामने

Wed, 24 Jun 2026 11:13 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

अलीगंज की इमारत के मालिक व यहां चल रहे प्रतिष्ठान के मालिकों ने चंद रुपये बचाने के लिए कभी ऑडिट ही नहीं कराया। यह लापरवाही तब बरती गई जब हैक्सार स्टूडियो में रोजाना 40 से 50 लोगों का आना-जाना लगा रहता था।
 
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अग्निकांड के बाद इमारत का दृश्य। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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लखनऊ के अलीगंज सेक्टर डी स्थित जिस चार मंजिला इमारत में सोमवार को आग लगी, उसमें वर्षों से व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं। बावजूद इसके बिल्डिंग के मालिक व संबंधित प्रतिष्ठानों के संचालकों ने बिजली विभाग से ऑडिट नहीं कराया था। अग्निकांड के पीछे यह बड़ी वजह भी सामने आई है।

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दमकल विभाग के मानक अनुसार व्यावसायिक इमारतों, अपार्टमेंटों में हर तीन वर्ष में बिजली विभाग से ऑडिट कराना चाहिए। इससे बिजली पर बढ़ते भार और अन्य खामियों का समय से पता चल जाता है। हालांकि, अलीगंज की इमारत के मालिक व यहां चल रहे प्रतिष्ठान के मालिकों ने चंद रुपये बचाने के लिए कभी ऑडिट ही नहीं कराया। यह लापरवाही तब बरती गई जब हैक्सार स्टूडियो में रोजाना 40 से 50 लोगों का आना-जाना लगा रहता था।

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...इसलिए कराना चाहिए बिजली ऑडिट: शहर में तमाम अपार्टमेंट दशकों पुराने हैं। इनमें वायरिंग भी उसी समय की होती है। इस बीच तार पर बढ़ने वाले लोड का पता ही नहीं चल पाता। ओवरलोडिंग और उपकरणों का गलत इस्तेमाल शॉर्ट सर्किट का बड़ा कारण बनता है, जिससे आग लगती है। इस कारण हर तीन वर्ष में बिजली ऑडिट कराना चाहिए।

इन बातों का भी रखें ध्यान
- वे इमारतें विशेषकर जिनकी ऊंचाई 15 से 45 मीटर के बीच हो, वहां बड़े वाटर टैंक, स्प्रिंकलर, हाइड्रेट और फायर एक्सटिंग्यूशर की व्यवस्था जरूर हो।

- प्रतिष्ठान में आम रास्ते के अलावा आपातकालीन मार्ग भी हो। आग लगने पर सबसे पहले लिफ्ट काम करना बंद कर देती है।

- स्मोक प्रेशर सिस्टम और वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था हो।

- मुख्य गेट पर किसी तरह कोई अतिक्रमण न हो।

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