बीती 22 जून को अलीगंज की जिस अवैध बिल्डिंग में आग लगने से 15 लोगों की जान गई थी उसके ध्वस्तीकरण मामले की सुनवाई एक दिन और टल गई। बुधवार को बिल्डिंग मालिक के वकीलों की मांग पर एलडीए के विहित अधिकारी की कोर्ट ने पक्ष रखने के लिए एक दिन का समय और दिया। अब बृहस्पतिवार को इस मामले की सुनवाई होगी।
मंगलवार को इस मामले की पहली सुनवाई एलडीए के विहित अधिकारी अतुल कुमार की कोर्ट में हुई थी मगर कोई निर्णय नहीं हो पाया था। बिल्डिंग मालिक के वकील ने कोर्ट से नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था। हालांकि, कोर्ट ने सिर्फ एक दिन का समय दिया।
ये भी पढ़ें - राम मंदिर चढ़ावा चोरी: रिश्तेदार इस तरह करते थे दान की रकम को सफेद, इन 30 संदिग्ध बैंक खातों को किया गया फ्रीज
ये भी पढ़ें - संतों ने ट्रस्ट को गिनाईं परंपराओं के अनुपालन में कमियां, व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार की तैयारी
बुधवार को फिर पहले नंबर पर इस मामले की सुनवाई हुई। बिल्डिंग मालिक के वकील ने नोटिस का जवाब दाखिल करते हुए मांग की कि नई भवन निर्माण उपविधि के तहत निर्माण को वैध किया जाए या इस पर बहस कराई जाए। यदि बहस कराई जानी है तो एक सप्ताह का समय दिया जाए।
इस पर विहित प्राधिकारी ने कहा कि सिर्फ एक दिन का समय ही दिया जा सकता है। वकीलों ने कहा कि बृहस्पतिवार को उनका केस किसी अन्य कोर्ट में भी लगा है। ऐसे में दो दिन का समय दिया जाए। इस पर कोर्ट ने कहा कि वह बहस के लिए शाम चार बजे तक इंतजार कर सकती है लेकिन समय एक दिन का ही मिलेगा। कोर्ट ने बहस के लिए बृहस्पतिवार की तारीख तय कर दी।
खुद तोड़ने के साथ ही शमन नीति से निर्माण वैध करने की मांग
जानकारों ने बताया कि बिल्डिंग मालिक के वकीलों ने नोटिस के जवाब में नई भवन निर्माण उपविधि के तहत बिल्डिंग का शमन मानचित्र पास करने की मांग की है। उनका तर्क है कि नई उपविधि में 18 मीटर चौड़ी रोड पर आवासीय के साथ व्यावसायिक निर्माण की अनुमति दी जा रही है। यह मांग भी की गई कि बिल्डिंग का अवैध हिस्सा भवनस्वामी को खुद तोड़ने की अनुमति दी जाए।
यह है मामला : 22 जून को अलीगंज सेक्टर-डी के एक एनिमेशन सेंटर बिल्डिंग में आग लगने से 15 लोगों की जान गई थी। जांच के दौरान यह सामने आया था कि बिल्डिंग में आग सुरक्षा और सेट बैंक जैसे जरूरी उपाय नहीं थे। निर्माण भी अवैध था। आवासीय का मानचित्र पास कराकर उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। इस सबको लेकर एलडीए ने 23 जून को बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी किया था।