एकेटीयू के छात्र किसानों को बताएंगे उनकी मिट्टी की सेहत
लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के सेंटर फार एडवांस्ड स्टडीज के बीटेक छात्रों की टीम ने शस्यमेदिनी नाम से मिट्टी की जांच करने वाली डिवाइस व कृषि टेक एप बना रही है। इसके जरिये खेतों की मिट्टी की जांच आसानी से होगी। इसके जरिये किसानों को पता लगेगा कि उनके खेत के मिट्टी की सेहत कैसी है। उन्हें मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए किस खनिज की जरूरत है।
साथ ही एप से भी किसानों को मिट्टी से जुड़ी सारी जानकारी मिल सकेगी। शुक्रवार को इनोवेशन हब की ओर से एआईसीटीई व शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल की स्मार्ट इंडिया हैकथान के लिए विवि में प्री हैकथान का आयोजन किया गया था। कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए विश्वविद्यालय के गोद लिए गए गांवों के किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर करने को कहा है।
हैकथान में विवि के बीटेक, बीफार्मा व एमटेक के 186 छात्रों ने 30 टीम के रूप में विभिन्न समस्याओं के समाधान का आइडिया प्रस्तुत किया। टीमों ने 10 क्षेत्रों बाढ़, कृषि, स्मार्ट वाहन, लाजिस्टिक, एग्रीकल्चर एंड टूरिज्म, साइबर सिक्योरिटी, ब्लाकचेन, स्मार्ट शिक्षा, फिटनेस व स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का अपने आइडिया से समाधान प्रस्तुत किया।
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने सभी टीमों से मिलकर उनके आइडिया के बारे में जानकारी ली। एक आइडिया में एक्सपर्ट का डेटाबेस जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने इन आइडिया में अधिक से अधिक रियल टाइम डेटा का इस्तेमाल करने को कहा। इस अवसर पर इनोवेशन हब के निदेशक केशव सिंह, डीन इनोवेशन प्रो. बीएन मिश्रा, प्रतिकुलपति प्रो. राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया, एसोसिएट डीन इनोवेशन डॉ. अनुज कुमार शर्मा, इनोवेशन हब के सीईओ डॉ. महीप सिंह व सीआईओ वंदना शर्मा उपस्थित रहीं।