लखनऊ। प्रदेश के इंजीनियरिंग व ऑर्किटेक्चर संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया अंतिम चरण में है लेकिन फार्मेसी कोर्स में यह प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। ऐसे में पिछले साल की तरह इस बार भी इस कोर्स में दाखिले देर से होते दिख रहे हैं, क्योंकि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने अभी तक कॉलेजों की संबद्धता नहीं फाइनल की है।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की ओर से प्रदेश के इंजीनियरिंग, फार्मेसी व मैनेजमेंट संस्थानों की प्रवेश प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। मैनेजमेंट समेत अन्य कोर्सों की भी प्रवेश प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उधर, पीसीआई ने फार्मेसी कॉलेजों को संबद्धता देने की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर रखी है। इससे मद्देनजर एकेटीयू ने पीसीआई को पत्र लिखकर संबद्धता प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की है। दरअसल, पीसीआई की सहमति के बाद ही विवि स्तर पर कॉलेजों की संबद्धता रिन्यूवल की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बता दें कि प्रदेश में एकेटीयू से 375 से अधिक फार्मेसी कॉलेज संबद्ध हैं। इनमें 30 हजार से ज्यादा सीटें हैं। पीसीआई के स्तर से हो रही फार्मेसी कॉलेजों की संबद्धता में हो रही देरी का असर छात्रों पर भी पड़ सकता है। वे दूसरे राज्यों के कॉलेजों में दाखिला ले सकते हैं। वहीं, एकेटीयू के सत्र नियमन पर प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ रहा है।
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि पीसीआई को तीसरा रिमाइंडर भेजा है। उनका जवाब आने पर विवि अपने यहां संबद्धता फाइनल कर बीफार्मा के प्रवेश लेगा। इससे पहले कॉलेज अपने स्तर से प्रवेश नहीं ले सकता है। बीटेक-बीआर्क में प्रवेश का मुख्य चरण पूरा हो गया है और कक्षाएं भी शुरू करा दी गई हैं।
यूजी-पीजी में तीसरे चरण की प्रवेश काउंसिलिंग शुरू
एकेटीयू में बीटेक-बीआर्क छोड़कर अन्य यूजी-पीजी कोर्स में दाखिले के लिए तीसरे चरण की प्रवेश काउंसिलिंग शुरू हो गई है। इसमें 28 अगस्त तक छात्र अपनी च्वॉइस में बदलाव कर सीट लॉक कर सकते हैं। सीट एलॉटमेंट 30 अगस्त को जारी होगा। सीट कन्फर्मेशन शुल्क व ऑनलाइन सीट विड्रा 30-31 अगस्त को हो सकेगी।