सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के दखल के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर बना गतिरोध शनिवार को खत्म हो गया। युवा कार्यकर्ताओं की ताकत दिखाने के बाद अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल यादव को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर अपनी सहमति दे दी, लेकिन बतौर सीएम उनसे पीडब्ल्यूडी विभाग छिन लिया। शिवपाल को पुराने विभाग वापस करने के साथ ही तीन नए विभाग और दिए गए हैं।
सीएम ने कार्यकर्ताओं को अपने आवास पर बुलाकर प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर सहमति का संदेश दिया, फिर शिवपाल के घर जाकर बधाई दी।
उधर, मुलायम ने शिवपाल और अखिलेश यादव के साथ बैठक की। उन्होंने अखिलेश को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के पक्ष में प्रदर्शन करने वालों को नसीहतें दी।
वहीं, अखिलेश ने प्रदर्शनकारियों को नेताजी का आदेश मानने और बतौर प्रदेशाध्यक्ष शिवपाल को समर्थन देने को ताकीद करते हुए प्रकरण का पटाक्षेप कर दिया। सीएम ने कहा, हम नेता जी का फैसला मानते हैं। नए अध्यक्ष को बधाई व शुभकामनाएं।
पीडब्ल्यूडी विभाग छिनना शिवपाल के लिए झटका
उन्होंने कहा, अब कोई प्रदर्शन नहीं होगा, कोई नारेबाजी नहीं करेगा। इसके बाद वह शिवपाल के घर गए और उन्हें बधाई दी। सीएम ने मुलायम के फैसले के अनुरूप लोकनिर्माण विभाग को छोड़कर शिवपाल यादव के अन्य पुराने विभाग फिर उन्हें दे दिए। पीडब्ल्यूडी छिन जाने को उनके लिए झटका माना जा रहा है।
संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष बनेंगे अखिलेश
माना जा रहा कि शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद अखिलेश यादव को राज्य संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाए जाने की तैयारी है। राज्य संसदीय बोर्ड की चुनाव में प्रत्याशियों के चयन में भूमिका रहती है।
पार्टी संविधान के मुताबिक, राज्य संसदीय बोर्ड लोकसभा, विधानसभा एवं स्थानीय निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के नामों का पैनल बनाकर केंद्री. संसदीय बोर्ड को भेजेगा। इससे अखिलेश की टिकट देने में सक्रिय भागीदारी की मांग पूरी हो जाती है।
बतौर मंत्री शिवपाल के पास अब 13 महकमे
संदेश ताकत बढ़ाने का लेकिन विभागों की सिर्फ गिनती बढ़ी
राज्यपाल राम नाईक ने सीएम अखिलेश की सिफारिश पर शिवपाल को सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण, राजस्व, अभाव, सहायता व पुनर्वास, लोक सेवा प्रबंधन, सहकारिता,चिकित्सा शिक्षा, आयुष व लघु सिंचाई विभाग आवंटित कर दिए। परती भूमि,जल संसाधन एवं समाज कल्याण विभाग उनके पास पहले ही थे।
सीएम से बात करके गायत्री को शपथ
भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त मंत्री गायत्री प्रजापति को शपथ दिलाने का कार्यक्रम राज्यपाल, सीएम से बात करके तय करेंगे।
कोई संकट नहीं, अंदरूनी मामला
राज्यपाल नाईक ने शनिवार को अंबेडकर नगर में कहा कि सूबे में कोई संविधानिक संकट नहीं है। पार्टी का अंदरूनी विवाद है, जो सुलझ जाएगा।