सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव।
सपा मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए पिछड़ी जातियों को साधेंगे। इसकी शुरुआत 18 दिसंबर को गैर यादव पिछड़ी जातियों के नेताओं के साथ बैठक से होगी। इसमें हर जिले से प्रमुख ओबीसी नेताओं को बुलाया गया है।
अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला उसी के हथियार से करेंगे। 2014 में भाजपा ने पिछड़ी जातियों को लामबंद किया था। इसे सोशल इंजीनियरिंग का नाम दिया गया था।
पिछड़ी जातियों को जोड़ने इस बार भी भाजपा ने अलग-अलग जातियों के 23 सम्मेलन किए हैं।
भाजपा की काट के लिए सपा ने भी प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से पिछड़ी जाति के प्रमुख नेताओं का पूरा ब्योरा मंगाया है। यह जानकारी भी मंगाई है कि पिछड़े नेताओं में कौन अच्छे वक्ता हैं और वे किस जाति से ताल्लुक रखते हैं।
सपा ने 18 दिसंबर को पिछड़ी जातियों के प्रमुख नेताओं का सम्मेलन बुलाया है। इसमें पिछड़े नेताओं के साथ 2019 के चुनाव की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। पहले यह सम्मेलन 12 दिसंबर को प्रस्तावित था।