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अखिलेश ने खोला मोर्चा, अफसरों पर गिरेगी गाज

Thu, 29 May 2014 07:06 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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योजनाओं के पूरे न होने को अपनी हार का कारण मानने वाले अखिलेश ने अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, मतलब साफ है अब गाज अफसरों पर गिरेगी।
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अखिलेश के जारी हुए एक बयान में कहा गया है कि अब मौज मस्ती करने वाले अफसरों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री खुद चार जून से जिलों में जाकर औचक निरीक्षण करेंगे, विभाग की कोई भी गड़बड़ी सामने आने पर वह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर देंगे।

मुख्यमंत्री प्राथमिकता के हर काम का निरीक्षण करेंगे और उस पर संबंधित अफसरों से जवाब मांगेंगे।

हार के लिए अफसर जिम्मेदार

अखिलेश का मानना है कि ‌लोकसभा चुनाव में हार के लिए जनकल्याण की योजनाओं का धरातल पर समय से न आना है, जिसके लिए अफसर जिम्मेदार हैं।

अतः वह अब अफसरों के खिलाफ कड़ा रूख अपनाएंगे। आम चुनाव के बाद हार की समीक्षा करते हुए पहले ही अखिलेश और मुलायम ने कई मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया है ऐसे में कहा जा रहा है कि अब अ‌धिकारियों का नंबर है।

सपा नेतृत्व 10 जून को अफसरों के साथ बैठक कर हार के कारणों की समीक्षा करेगा।

अफसरों ने नहीं खर्च किया आवंटित बजट

बताया जा रहा है कि विकास कार्यों के लिए अखिलेश सरकार ने बजट तो आवंटित किया लेकिन संबंधित विभाग के अफसर इसे खर्च नहीं कर पाए।

विभागों ने विकास कार्य न कराकर पैसा सरेंडर कर दिया। इसका खामियाजा सरकार को लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ा।

अफसरों के इस रवैये से खफा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन विभागों के प्रमुख सचिवों से जवाब-तलब किया है जो वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने तथा खर्च कर पाने में फिसड्डी रहे हैं।
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की आदेशों की अनदेखी

सरकार ने 2013-14 के बजट को वित्त वर्ष की शुरुआत के पहले ही मंजूरी दे दी थी।

मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने अप्रैल में ही अफसरों को समयबद्ध तरीके से वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने और योजनाओं पर बजट खर्च करने की हिदायत भी दी थी लेकिन अफसरों ने आदेशों की अनदेखी की।

जिन योजनाओं के लिए धन आवंटित किया गया था उनमें सिंचाई, कृषि, नगरीय रोजगार, भूमि विकास एवं जल संसाधन, उच्च शिक्षा, युवा कल्याण, सूचना प्रौद्योगिकी, संस्कृति तथा खाद्य जैसे अहम विभाग शामिल हैं।

कुछ विभागों की योजनाएं तो सीधे जनता से जुड़ी हैं।
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