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लीजिए, यूपी सरकार भी सोशल मीडिया पर

Sat, 05 Jul 2014 11:14 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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अभी तक सोशल मीडिया पर सक्रियता को लेकर मोदी और भाजपा पर हमले करने वाले अखिलेश ने सरकारी विभागों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने का आदेश दिया है।
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मतलब ये कि ‘ट्विटर मतलब चोंच लड़ाना’ जैसे जुमले से भले ही सीएम अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर चुटकी ली हो लेकिन अब खुद उनकी सरकार सोशल मीडिया के जरिये लोगों तक पहुंचने की जुगत में है।

इसके लिए मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिवों, सचिवों व सभी विभागाध्यक्षों को सरकार के फैसलों व कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सोशल मीडिया के जरिये लोगों तक सीधे पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
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नरेंद्र मोदी के चुनाव अभियान और उसके बाद प्रधानमंत्री के रूप में कामकाज में सोशल मीडिया के प्रयोग का असर देखने के बाद सूबे की सरकार ने भी फेसबुक व ट्विटर पर सक्रिय होने का फैसला किया है।
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पन्द्रह दिन में एक बार ट्वीट जरूरी

मुख्य सचिव आलोक रंजन ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के प्रभावी प्रयोग के लिए अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी रणनीति को अंतिम रूप दिया।

उन्होंने अधिकारियों को विभागवार नोडल अधिकारी नामित करने को कहा। इन सभी नोडल अधिकारियों के नाम-मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी की जानकारी सूचना निदेशक के पास रहेगी।

नामित नोडल अधिकारी अपने प्रमुख सचिव के जरिए महत्वपूर्ण सूचनाओं को उसी दिन हिंदी व अंग्रेजी में सूचना व जनसंपर्क विभाग के ई-मेल पर भेजेंगे।

विभागों को जनहित से जुडे़ फैसलों, योजनाओं व उपलब्धियों के बारे में 15 दिनों में कम से कम एक बार ट्वीट या पोस्ट भेजना अनिवार्य होगा।

इस तरह होगा काम

सूचना निदेशक नामित नोडल अधिकारी के जरिए इसे पोस्ट कराएंगे। बैठक में प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव पंचायतीराज चंचल कुमार तिवारी, प्रमुख सचिव गन्ना एवं आबकारी दीपक त्रिवेदी, प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अरविन्द कुमार, आबकारी आयुक्त अनिल गर्ग व गन्ना आयुक्त सुभाष शर्मा आदि उपस्थित थे।

इस तरह काम करेंगे अधिकारी
-tweet.dipr@gmail.com नया ट्विटर अकाउंट है।

-विभाग से मिलने वाली सूचनाओं को निदेशक सूचना फेसबुक व ट्विटर पर पोस्ट कराएंगे।

-जनता से मिली राय को विभागों को विश्लेषण व उस पर जरूरी कदम उठाने के लिए भेजा जाएगा।
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सोशल मीडिया पर इसलिए सक्रिय हुई सरकार

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव काफी समय से कहते रहे हैं कि सरकार ने काम बहुत किए लेकिन इसका प्रचार नहीं कर पाए। सीएम चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी पर बढ़-चढ़ कर दावे करने के आरोप भी लगाते रहे।

इधर मुख्य सचिव आलोक रंजन ने भी मंडलों के भ्रमण के दौरान महसूस किया कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, निर्णयों, उपलब्धियों व शासनादेशों की लोगों तक समय से जानकारी नहीं पहुंच पा रही है। इसके बाद सोशल मीडिया से जुड़कर आम लोगों तक सूचनाएं पहुंचाने का फैसला किया।

जनता से सीधा संवाद
मुख्य सचिव का कहना है कि फेसबुक ,ट्विटर व इन जैसे अन्य सोशल मीडिया से बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। ये यूजर बहुत तेजी से सूचनाओं का प्रचार-प्रसार करते करते हैं।

सरकार सबसे ज्यादा यूजर से जुड़े ट्विटर व फेसबुक से जुड़कर जनता को लाभकारी योजनाओं की जानकारी देगी। इससे जनता से सीधे संवाद भी स्थापित हो सकेगा।
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