सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री चार साल से सिर्फ अपने मन की बातें कर रहे हैं। उनके पास किसानों, नौजवानों, गरीबों, अल्पसंख्यकों के मन की बात सुनने का न तो समय है और न ही इच्छा। कृषि कभी भाजपा की प्राथमिकता में नहीं रही है। इसलिए किसानों की व्यथा और परेशानियों से भी उनका मतलब नहीं। पीएम किसानों को हालात बदलने का सपना दिखाकर अपने कर्तव्य की इतिश्री समझ लेते हैं।
अखिलेश ने बुधवार को एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री कई सालों से किसानों से कह रहे हैं कि भाजपा सरकार उनकी आमदनी 2022 तक दो गुना कर देगी। ऐसा सुनते-सुनते चार साल बीत गए और किसान की आय शून्य हो गई। 2019 में दोबारा भाजपा की सरकार बनने के आसार नहीं है।
ऐसे में किसानों की भावनाओं के साथ खेल खेला जा रहा है। किसानों के लिए खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है। किसानों को कर्ज माफी के नाम पर सिर्फ धोखा मिला है। भाजपा अपने वादे के अनुसार उत्पादन लागत के बराबर मूल्य भी किसानों को नहीं दे पाई है।
अखिलेश ने कहा, किसान हताशा में आत्महत्या करने को मजबूर है। बुंदेलखंड में ही पिछले दिनों महोबा जिले में 30, बांदा में 15 तथा हमीरपुर में 8 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। जिन गन्ना किसानों की फसल खेत में खड़ी रह गई, चीनी मिल बंद होने के बाद उसे जलाने की नौबत आ गई है।