फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीएचएफएल मामले पर अखिलेश का पलटवार, ऊर्जा मंत्री ने कंपनी से लिया 20 करोड़ चंदा

Sun, 03 Nov 2019 11:34 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पॉवर कारपोरेशन के भविष्य निधि घोटाले को लेकर भाजपा व सरकार पर तीखा हमला किया। कहा कि भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी सत्ता नए-नए बहानों से जनता का ध्यान भटकाने की साजिश कर रही है। 

विज्ञापन


द्वेष की राजनीति के चलते झूठे आरोप लगा रही है। डिफॉल्टर कंपनी डीएचएफएल से 20 करोड़ रुपये का चंदा लेने वाली भाजपा के ऊर्जा मंत्री बताएं कि ये रिश्ता क्या कहलाता है?

अखिलेश ने रविवार को कहा कि ट्वीटर पर और बयान जारी कर भाजपा सरकार को घेरा। कहा, भाजपा सरकार बेदाग होने का ढिंढोरा खूब पीटती रही है लेकिन धीरे-धीरे उसके घोटालों की परतें खुलती जा रही है। 
विज्ञापन


भाजपा सरकार को यह बताना होगा कि बिजली कर्मियों के हक का पैसा उस कंपनी में लगाने की मेहरबानी के पीछे क्या रहस्य है जो डिफॉल्टर रही है? उन्होंने सवाल किया कि इतना बड़ा घोटाला ढाई साल तक पर्दे में क्यों रहने दिया गया ? मामला मीडिया में न आता तो भाजपा सरकार इसे दबाए रहती। 

अभी भी लगता नहीं कि वह अपने घोटाले की जांच होने देगी ? जब मामला सीबीआई को देने की बात है तो फिर आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा को जांच क्यों दी जा रही है ?

भाजपा जब भी सत्ता में रही बिजली विभाग में लूट मची


सपा अध्यक्ष ने कहा, सरकार नहीं बता रही कि बिजली कर्मियों के जो 2600 करोड़ रुपये डीएचएफ.एल में फंसे है, उसकी वसूली के लिए क्या ठोस कदम उठा रही है ? सिर्फ आश्वासन के सहारे बहकाने का काम हो रहा है। 

उन्होंने कहा, वैसे भी भाजपा की यह फितरत है कि वह जब जब सत्ता में रही बिजली विभाग में लूट मची। यूपी के टांडा और ऊंचाहार बिजलीघर भाजपा सरकार में ही बिके थे। भाजपा सरकार ने कोई नया बिजलीघर नहीं लगाया और न ही एक यूनिट बिजली का उत्पादन किया। अब बिजली कर्मियों का पैसा भी डुबा दिया।
विज्ञापन

भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर घी पीती है भाजपा

अखिलेश ने कहा, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर घी पीने वाली भाजपा का असली चाल-चरित्र जनता के सामने आ रहा है। लोकतंत्र लोकलाज से चलता है लेकिन भाजपा सरकार इससे दूर-दूर रहती है। भाजपा बौखलाहट में जैसी भाषा बोल रही है वह हास्यास्पद और संवैधानिक मर्यादा के विपरीत है। समाजवादी सरकार के कार्यकाल में विकास कार्यों की एक-एक ईंट उखाड़ कर गड़बड़ी खोजने वाले भाजपाई शूरवीर ढाई साल में कुछ खोज नहीं पाए। अब अपनी कालिख वाली छवि बचाने के लिए दूसरों पर कीचड़ उछालने की नाकाम कोशिश करने में लग गए हैं। अनंतकाल तक जनता को धोखा नहीं दिया जा सकता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें