सपा अध्यक्ष ने कहा, सरकार नहीं बता रही कि बिजली कर्मियों के जो 2600 करोड़ रुपये डीएचएफ.एल में फंसे है, उसकी वसूली के लिए क्या ठोस कदम उठा रही है ? सिर्फ आश्वासन के सहारे बहकाने का काम हो रहा है।
उन्होंने कहा, वैसे भी भाजपा की यह फितरत है कि वह जब जब सत्ता में रही बिजली विभाग में लूट मची। यूपी के टांडा और ऊंचाहार बिजलीघर भाजपा सरकार में ही बिके थे। भाजपा सरकार ने कोई नया बिजलीघर नहीं लगाया और न ही एक यूनिट बिजली का उत्पादन किया। अब बिजली कर्मियों का पैसा भी डुबा दिया।
अखिलेश ने कहा, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर घी पीने वाली भाजपा का असली चाल-चरित्र जनता के सामने आ रहा है। लोकतंत्र लोकलाज से चलता है लेकिन भाजपा सरकार इससे दूर-दूर रहती है। भाजपा बौखलाहट में जैसी भाषा बोल रही है वह हास्यास्पद और संवैधानिक मर्यादा के विपरीत है। समाजवादी सरकार के कार्यकाल में विकास कार्यों की एक-एक ईंट उखाड़ कर गड़बड़ी खोजने वाले भाजपाई शूरवीर ढाई साल में कुछ खोज नहीं पाए। अब अपनी कालिख वाली छवि बचाने के लिए दूसरों पर कीचड़ उछालने की नाकाम कोशिश करने में लग गए हैं। अनंतकाल तक जनता को धोखा नहीं दिया जा सकता।