यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर चिंता जताई। मुख्यमंत्री का कहना था कि इंटरनेट से हम अपने काम को काफी आसान बना सकते हैं लेकिन देखने में यह आ रहा है कि उसके फायदे कम और नुकसान ज्यादा हो रहे हैं।
सूचनाओं के प्रवाह में व्हाट्सएप की भूमिका की जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि व्हाट्सएप के जरिए मिनटों में कोई सूचना प्राप्त की जा सकती है लेकिन देखते में यह आता है कि समाज के किसी बवाल या बुरी घटना में व्हाट्सअप की भूमिका ज्यादा होती है।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि मुझे अफसोस इस बात का है कि व्हाट्सएप का इस्तेमाल सही कामों से ज्यादा गलत कामों में हो रहा है।
व्हाट्सएप का सबसे ज्यादा इस्तेमाल सबसे ज्यादा युवा कर रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों और इंजीनियर्स को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा कि इंजीनियर्स अगर अपने कामों को बेहतर बनाने के लिए इसका इस्तेमाल करेंगे तो काफी बदलाव हो सकते हैं।
पांच कालिदास मार्ग में हुए इस कार्यक्रम में यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने डॉ. राम मनोहर लोहिया 3000 नवीन नलकूप परियोजना के अंतर्गत 1020 नलकूपों और 5 पम्प नहरों का लोकापर्ण किया।
अधिकारियों को दी हिदायत
इस कार्यक्रम में यूपी के सीएम ने आईएएस अधिकारियों को परोक्ष रूप से हिदायत भी दी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह पता है कि नट बोल्ट को कहां कितना टाइट करना है और कितना ढीला छोड़ना है।
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि आईएएस अफसर अपने आपको ‘इंडीविजुअल आफ्टर सरकार’ समझते हैं। जो कुर्सी के लिए कुछ भी कर सकते हैं। हालांकि आईएएस में कुछ अच्छे अफसर भी हैं। इनसे कैसे काम लेना है यह वह अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार मुख्यमंत्री बनने पर चीजों को समझने में थोड़ी देर जरूर लगी लेकिन अब बात समझ आ गई है।
मुख्यमंत्री ने इंजीनियरों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इंजीनियर तो कभी नहीं सुधरेंगे, यह वहीं करेंगे जो अब तक करते आएं हैं। मुख्यमंत्री ने शिवपाल का नाम लिए बगैर कहा कि सरकार चलाने में दिक्कतें तो आएंगी लेकिन आप पानी वाले हो। पानी को जहां से रास्ता मिलेगा निकल जाता है।
उन्होंने कहा कि अफसर व इंजीनियर जब तक ईमानदार नहीं होंगे, अच्छा काम नहीं हो सकता है। हमें बुरे को बुरा कहना होगा तभी इनमें कुछ सुधार हो सकता है। अखिलेश ने कहा कि इंजीनियरों को सीखना चाहिए।
आज नदियों के किनारे बने सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस खंडहर हो गए हैं क्योंकि इंजीनियर इन्हें जाकर देखते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि साइकिल ट्रैक बनवाया तो इंजीनियरों ने इसे भी गड़बड़ कर दिया। बाद में इंजीनियरों से साइकिल चलवाई तब उन्हें ट्रैक की दिक्कत समझ में आईं। अब साइकिल ट्रैक ठीक हो गया है।
इंजीनियर्स की क्लास भी ली
इस कार्यक्रम में जल पुरुष कहे जाने वाले राजेन्द्र सिंह भी मौजूद थे। कार्यक्रम में अखिलेश यादव और शिवपाल यादव ने जल पुरुष राजेंद्र सिंह को सम्मानित किया गया। अखिलेश यादव ने यहां जल से जुड़ी परियोजनाओं के बारे में विस्तार से बात की।
अखिलेश यादव ने कहा मेरी नजर में सबसे साफ नदी चंबल है। चंबल नदी इतनी साफ है कि इसमें डॉल्फिन और बालू को साफतौर पर देखा जा सकता है। हमें दूसरी सभी नदियों को चंबल की तरह ही साफ बनाना होगा। अखिलेश यादव ने कहा कि चंबल के पास ही यमुना नदी भी बहती है। यमुना नदी बिलकुल काली है।
अखिलेश यादव ने इंजीनियर्स पर तंज कसते हुए कहा कि इंजीनियर्स को सुधारा नहीं जा सकता। इनको जैसे काम करना है ये वैसे ही काम करेंगे। इनको सुधारना मुश्किल है।
अखिलेश ने कहा कि पहले इंजीनियर्स ने तो साइकिल ट्रैक को भी बिगाड़ दिया था। उसके बाद मैंने इंजीनियर्स को एक साइकिल लेकर उसी ट्रैक पर चलाने को कहा। जब वो इंजीनियर्स खुद उस ट्रैक पर चले तो उन्होंने उसको बेहतर कर दिया।
अखिलेश ने कहा कि पानी का काम ईमानदारी से करें क्योंकि पानी खुद ही अपना रास्ता निकाल लेता है। उसको जो दिशा देंगे ये उसी में बहने लगेगा।