सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों के प्रति भाजपा की नीयत साफ नहीं है। किसान सालभर से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी एकता व दृढ़ता से परेशान और विधानसभा चुनाव के डर से भाजपा सरकार ने तीनों काले कानून तो वापस ले लिए, पर उनकी बुनियादी मांगों पर बात करने से कतरा रही है।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा चंद पूंजीपति घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए किसानों के हितों से खिलवाड़ कर रही है। इसका जवाब जनता 2022 में देगी। क्रय केंद्रों में किसानों के धान की खरीद में तमाम अड़ंगे लगाए जाते हैं। बिचौलियों और नौकरशाही के साथ नेताओं की साठगांठ के चलते किसान को एमएसपी नहीं मिलता।
इसलिए वह औने पौने दाम पर फसल बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा ने हमेशा किसानों का ध्यान रखा। समाजवादी सरकार बनते ही किसान आंदोलन के शहीदों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की ‘किसान शहादत सम्मान निधि’ दी जाएगी।
राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
टीईटी रद्द होने के विरोध में सपा युवजन सभा, लोहिया वाहिनी, यूथ ब्रिगेड और छात्र सभा के जिला एवं महानगर इकाई के पदाधिकारियों ने प्रत्येक जिले में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम और सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे। इसमें कहा गया कि अभ्यर्थियों के आवागमन में हुई आर्थिक क्षति की प्रतिपूर्ति के रूप में हर परीक्षार्थी को पांच-पांच हजार रुपये की सहायता दी जाए।