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नहीं भरूंगा एनपीआर का फार्म, अखिलेश यादव बोले-नौजवान असहयोग का रास्ता अपनाएं

Mon, 30 Dec 2019 10:09 AM IST
शाहरुख खान ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
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सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को नौजवानों से कहा कि वे राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के लिए फार्म न भरे। महात्मा गांधी से प्रेरणा लेकर एनपीआर में असहयोग का रास्ता अपनाएं। कहा कि वह स्वयं एनपीआर का फार्म नहीं भरेंगे। 
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हमें एनपीआर नहीं, रोजगार चाहिए। उन्होंने नागरिकता कानून व एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन में हिंसा की जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग की। कहा कि इन प्रदर्शनों में पुलिस की गोली से लोग मारे गए हैं।

अखिलेश यादव पार्टी मुख्यालय में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ समेत पूर्वांचल के कई जिलों के कॉलेजों में छात्र संघ का चुनाव जीतने वाले पदाधिकारियों व छात्रों को संबोधित कर रहे थे। 
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उनसे पहले काशी व मिर्जापुर के तीन छात्र संघ पदाधिकारियों ने चुनाव के दौरान पुलिस उत्पीड़न व फर्जी मुकदमें दर्ज कराए जाने की शिकायत की। सपा अध्यक्ष ने कहा,. समाजवादी मुकदमों से नहीं डरते हैं। 
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मुख्यमंत्री अपने मुकदमों की धाराएं वापस ले रहे हैं, अपाकी धाराएं 2022 में समाजवादी सरकार बनने पर समाप्त हो जाएंगी। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे समाज को तोड़ना चाहते हैं और हम जोड़ना चाहते हैं। 

हम संविधान बचाना चाहते हैं और उन्हें संविधान की चिंता नहीं है। वे भेदभाव पैदा करके ध्यान भटकाना चाहते हैं। उन्होंने छात्रों से पूछा कि आपकों एनपीआर चाहिए या रोजगार, जवाब आया रोजगार। कहा कि महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका गए थे वहां के कार्ड जला दिए थे। 

हमारी नागरिकता भाजपा तय नहीं कर सकती। जरूरत पड़ी तो गांधी जी के रास्ते पर चलते हुए एनपीआर में असहयोग करेंगे। कहा, मैं एनपीआर फार्म नहीं भरूंगा। छात्र-युवाओं ने कहा कि हम भी एनपीआर नहीं भरेंगे। 

इस अखिलेश ने चुटकी ली, हम और आप देश के निकाल दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एनपीआर व एनआरसी हर गरीब के खिलाफ है, अल्पसंख्यकों, खासतौर से मुस्लिमों के खिलाफ है। कहा, इस सरकार ने आरक्षण खत्म करने का मन बना लिया है।

एंग्लो इंडियन का आरक्षण खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि पहली पिछड़ों की गिनती कांग्रेस ने नहीं की और अब भाजपा नहीं कर रही है। मौर्य और कुर्मी, यादवों से ज्यादा है, सभी की गणना कराकर क्यों आबादी के अनपात में आरक्षण नहीं देते।  

उन्होंने कहा, भारत के लोगों पहले भारत को बचाओ। इस अवसर पर विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन, सपा के राष्ट्रीय महासचिव इन्द्रजीत सरोज, पूर्व मंत्री बलराम यादव एवं राजेन्द्र चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल खासतौर पर मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन छात्र सभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह देव ने किया। 

सरकार बचाने के लिए किया अन्याय 
अखिलेश ने कहा, सरकार बचाने के लिए प्रदेश में अन्याय किया गया है। कई जिलों में पुलिस की गोली से कई लोग मरे हैं। इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, 200 विधायक सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए थे। अब छह महीने तक सरकार को कोई छेड़ने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा, प्रदर्शन के दौरान जो लोग मारे गए हैं, उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी जा रही हैं। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान बवाल व गोली चलने की जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज से कराने की मांग की ताकि पता लग जाए कि कौन सच्चाई छिपा रहा है। कहा कि दंगे के दौरान जिन निर्दोषों की जान गई है, पार्टी उनकी मदद करेगी।
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क्या बुलंदशहर कांड में जब्त की थी संपत्ति

अखिलेश यादव ने कहा, बुलंदशहर में पुलिस अधिकारी की हत्या हुई थी, आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा हुई थी। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या इस केस में आरोपियों से जुर्माना वसूला गया, उनकी संपत्ति जब्त की गई। उन्होंने कहा, सपा सरकार बनी को 2007 के गोरखपुर दंगे की फिर जांच कराएंगे।

अटल जी की प्रतिमा और ऊंची होनी चाहिए
सपा अध्यक्ष ने कहा, लोकभवन में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाने पर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री प्रतिमा और ऊंची होनी चाहिए थी। जनेश्वर मिश्र पार्क में जितनी ऊंची प्रतिमा हमने जनेश्वर मिश्र की लगवाई है, उसे ऊंची प्रतिमा तो लगवाते। कहा कि सरकार बनने पर लोकभवन में समाजवादी नेता व पूर्व मंत्री रामशरण दास की प्रतिमा लगवाई जाएगी।
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