यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि वो यूपी विधानसभा चुनाव का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है, 80-90 फीसदी काम पूरे हो गए हैं, उन्हीं का उद्घाटन कर रहे हैं।
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सरकार का कार्यकाल तीन महीने बचा है, जिसमें ये सभी काम पूरे कर देंगे। मैं बेसब्री से चुनाव का इंतजार कर रहा हूं, क्योंकि उसके बाद दूसरे नए काम भी हमें ही शुरू करने हैं।
मुख्यमंत्री शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘आसरा आवास आवंटन एवं ई-रिक्शा वितरण’ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव और संघर्षों से भरा होता है, फिर भी मैं दावे के साथ कह रहा हूं कि जनता दोबारा सपा सरकार चाहती है। हम भाजपा की तरह न तो झूठे वादे करेंगे और न पत्थर वाली सरकार की तरह पैसा बर्बाद करेंगे।
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दोबारा सरकार बनी तो देंगे दो कमरों का मकान
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा कि सपा की दोबारा सरकार बनने पर हर शहरी गरीब को एक के बजाय दो कमरों का मकान और ई-रिक्शा देंगे। उन्होंने गांवों को भी शहरों की तरह 24 घंटे बिजली देने का वादा किया। अपना अनुभव सुनाते हुए कहा, पिछले दिनों जाम के चलते पे-टीएम के सीईओ मेरे सरकारी आवास पर रिक्शे से आए।
हमने उस रिक्शे वाले से उसका हाल सुनने के बाद उसे ई-रिक्शा और आसरा आवास दिलवाया। अभी तक हमारे कार्यकर्ता ही कहते थे कि सपा सरकार का काम बोलता है, लेकिन आज तो सचिव, नगर विकास ने भी यह बात कह दी।
नोटबंदी से थम गई देश की तरक्की
सीएम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नोटबंदी से देश की तरक्की थम गई है। आज कोई अमीर एटीएम या बैंकों के बाहर लाइन में नहीं लगा है, उनके घर तो बैंक मैनेजर खुद ही पहुंच जाते हैं। भाजपा के प्रदेश में 70 से ज्यादा सांसद हैं, पीएम भी यहीं से हैं, लेकिन बदले में यूपी को क्या मिला।
कहा, चुनाव होने वाले हैं, पत्रकार भी दिल्ली से यहां आने-जाने के लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का ही इस्तेमाल करेंगे। इतना ही बढ़िया एक्सप्रेस-वे लखनऊ से गाजीपुर और बलिया तक बनाएंगे।
10 हजार से ज्यादा गरीबों को मिला ‘आसरा’
अखिलेश यादव व आजम खां
- फोटो : amar ujala
राज्य नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की ओर से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और नगर विकास मंत्री आजम खां ने शनिवार को शहरी क्षेत्रों की गरीब बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए मुफ्त आवासों के आवंटन पत्र बांटे।
इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 10 हजार 67 आवासों के आवंटन पत्र वितरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ भी हुआ। समारोह में 31 जिलों के दो हजार लाभार्थियों को ई-रिक्शे भी बांटे गए।
आसारा योजना के तहत प्रदेश सरकार ने अब तक 1465.61 करोड़ रुपये की लागत से 33,941 आवास स्वीकृत किए हैं। बहुमंजिली अपार्टमेंट्स में बने इन आवासों में एक कमरा, रसोई, बाथरूम, शौचालय और एक छोटा बरामदा है। 25 वर्गमीटर में बने प्रत्येक आवास की लागत 4.19 लाख रुपये है। समारोह में रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा भी बांटे गए। प्रदेश में अब तक कुल 6000 ई-रिक्शे बांटे जा चुके हैं।
इन रिक्शों को बिल्कुल मुफ्त देने के साथ ही राज्य सरकार इनके रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और बीमा खर्च भी वहन कर रही है। इस तरह एक ई-रिक्शे पर करीब 1.80 लाख रुपये की लागत आती है।
जिसने बिरयानी खिलाई, उसी को कहेंगे चाचा
सचिव नगर विकास एसपी सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गरीबों के विकास के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। अन्य दलों के लोग इन्हें अपनी योजनाएं कहकर प्रचारित कर रहे हैं।
1997 से गोमती रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए स्टडी पर ही करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए, मगर यह योजना सपा सरकार के कार्यकाल में ही पूरी हुई।
उन्होंने कहा कि जिसने बिरयानी खिलाई, उसी को तो चाचा कहेंगे। इसी तरह से योजना चाहे जिसने बनाई हो, पर श्रेय उसी को मिलेगा, जिसने उसे अमलीजामा पहनाया हो।