सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव।
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समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर का दंड भुगतने को मजबूर है। डबल इंजन सरकार वादे पर वादा करके लोगों को सिर्फ बहकाने का काम कर रही है और बचे-खुचे दिन काटने की जुगत में है। कोरोना संकट से ऐसे ही जनजीवन सामान्य नहीं हो पा रहा है, उस पर भी भाजपा सरकार बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति में भी विफल साबित हो रही है।
अखिलेश ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री इन दिनों ताबड़तोड़ जन सुविधाओं के आदेश जारी कर रहे हैं। कुछ प्रगति न होते देख अब वे जनता की समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए नए-नए वादे कर रहे हैं। उनका ताजा दावा 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने का है। यह दावा किसान की आमदनी 2022 तक दुगनी करने जैसा निकले तो आश्चर्य नहीं।
उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि मुख्यमंत्री नए दावे के साथ यह भी बता देते कि प्रदेश में कितनी बिजली बन रही है, कितनी खपत हो रही है और कितनी बिजली की जरूरत होगी? सच तो यह है कि भाजपा सरकार के समय प्रदेश में एक भी यूनिट बिजली का अतिरिक्त उत्पादन नहीं हुआ है। समाजवादी सरकार के समय जो बिजली घर बने थे, उन्हीं के बल पर बिजली आपूर्ति हो रही है। बिजली संबंधी जो कथित एमओयू हुए है, उनका कहीं अता-पता नहीं है। बिजली की बढ़ती लाइन हानि रोकने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। समाजवादी सरकार में अंडर ग्राउंड केबलिंग शुरू की गई थी, भाजपा सरकार में उस पर काम रूक गया।
जनता को राहत में नहीं भाजपा की दिलचस्पी
सपा अध्यक्ष ने कहा कि जनता को राहत मिले, भाजपा की इसमें जरा भी रुचि नहीं है। उसे तो जनता को परेशानी में देखकर अच्छा लगता है। भाजपा राज केंद्र और राज्य के कार्यकाल में गांव की बिजली 500 प्रतिशत व शहरी क्षेत्र में 84 प्रतिशत तक मंहगी हो गई है। सभी जिलों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि फीडर बन जाने से किसानों को ही सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों को समाजवादी सरकार में पहले 18 घंटे विद्युत आपूर्ति होती थी अब 10 घंटे विद्युत आपूर्ति भी नहीं मिल रही है। किसानों के नलकूपों का विद्युत भार भी मनमाने तरीके से बढ़ाकर भारी-भरकम बिल भेजे जा रहे हैं। बिना जांच ऐसी कार्रवाई से लोगों में बहुत असंतोष है।