संभल हिंसा की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग के समक्ष स्थानीय सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और स्थानीय सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल ने बुधवार को अपना बयान दर्ज कराया। करीब तीन घंटे तक दोनों ने आयोग के सवालों का सामना किया। आयोग के सदस्य एवं पूर्व डीजी एके जैन ने बताया कि सांसद और विधायक के बेटे का बयान दर्ज कर लिया गया है। बता दें कि कुछ दिन पहले आयोग ने संभल के एसपी केके बिश्नोई का बयान भी दर्ज किया था।
बता दें कि राजधानी के हजरतगंज जनपथ मार्केट सचिवालय में स्थित आयोग के कार्यालय में सांसद जियाउर्रहमान बर्क के साथ सपा विधायक इकबाल महमूद और उनका बेटा सोहेल इकबाल आए थे। हालांकि आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने सांसद और विधायक के बेटे से गहनता से पूछताछ की और बयान दर्ज किया। बाहर आने के बाद सांसद ने आयोग द्वारा पूछे गए सवालों की जानकारी देने से इंकार करते हुए कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
जब पहले दिन सर्वे हुआ था, मैं संभल में मौजूद था। जिस दिन हिंसा की घटना हुई, मैं शहर में नहीं था। मुझे पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। जब एक सांसद को इंसाफ के लिए लड़ना पड़ रहा है तो आम आदमी का क्या हाल होता होगा। जो मुझसे जानकारी मांगी गई, जो सवाल पूछे गए, उसकी जानकारी उपलब्ध करा दी है। मेरे ऊपर लगाए गए आरोप गलत हैं। मुझे न्याय मिलने का पूरा भरोसा है। वहीं सोहेल ने कहा कि घटना के दिन मैं संभल में मौजूद था। हमें अदालत और न्यायिक आयोग पर पूरा भरोसा है। वहीं विधायक इकबाल महमूद ने कहा कि समाजवादी पार्टी तेजी से आगे बढ़ रही है, इसलिए राजनीतिक साजिश के तहत हम लोगों को परेशान किया जा रहा है।