सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खां को मुसलमान होने की सजा मिल रही है। लेकिन, जुल्म ढाने वाले याद रखें कि नाइंसाफी के खिलाफ एक अदालत अवाम की भी होती है। इस सियासी साजिश के खिलाफ इंसाफ के कई दरवाजे अभी खुले हैं। अखिलेश ने एक्स के जरिये कहा कि आजम खां और उनके परिवार को निशाना बनाकर समाज के एक पूरे हिस्से को डराने का जो खेल खेला जा रहा है, जनता वो भी देख रही है। सबकुछ समझ भी रही है। उन्होंने कहा कि कुछ स्वार्थी लोग नहीं चाहते हैं कि शिक्षा को बढ़ावा देने वाले समाज में सक्रिय रहें।
अखिलेश ने कहा कि आजम खां के ऊपर लगातार इसी वजह से हमला हो रहा है। भाजपा के नेता और कुछ बाहर से लाए गए अधिकारी उनके साथ पहले दिन से साजिश कर रहे हैं। आजम बड़े नेता है और बड़ा विश्वविद्यालय भी बना दिया, उन्हें इसी की सजा मिल रही है।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा वाले यही चाहते हैं कि जिस तरह से वे कोई काम नहीं करते, उसी तरह से कोई और भी काम न करे। सिर्फ जाति व धर्म के नाम पर नफरत फैलाई जाए। पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा के लोगों का भी यही कहना है कि आजम खां मुसलमान हैं, इसलिए उन्हें इस तरह की सजा का सामना करना पड़ रहा है। आजम खां और उनके परिवार को न्याय मिलेगा।
यह है आजम का मामला
समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खां के दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम उनके पिता आजम खां और उनकी मां डा. तंजीन फात्मा को सात सात साल की कैद और 50 हजार जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट के आदेश पर तीनों को सीधे जेल भेजा जाएगा। सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में कोर्ट 30 गवाहों और उपलब्ध दस्तावेजी सुबूतों के आधार पर अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। दोनों ओर से 15-15 गवाह सुनवाई के दौरान पेश किए गए। पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र का यह मामला वर्ष 2019 में सामने आया था। उस समय भाजपा लघु प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक व मौजूदा समय में शहर विधायक आकाश सक्सेना ने गंज थाने में तहरीर देकर मामला दर्ज कराया था।
भाजपा राज में कानून-व्यवस्था ध्वस्त
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में अपराध के क्षेत्र में हर दिन रिकार्ड पर रिकार्ड बनते जा रहे हैं। चंदौली में बेखौफ बदमाशों ने घर के बाहर खड़े युवक पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई। कन्नौज में बंदूक की नोक पर सर्राफा व्यापारी से 20 लाख रुपये लूट लिए गए। राजधानी लखनऊ में भी कोई दिन ऐसा नहीं जाता है, जब बंद घरों में ताला तोड़कर चोरी और हत्याओं की खबर न आती हो।