सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हम तो बसपा प्रमुख मायावती को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे, लेकिन वह हमारे खिलाफ ''गिरगिट'' जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं। भाजपा का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि शायद उन पर कहीं से ऐसा करने के लिए दबाव है।
मायावती ने सोमवार को लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि सपा मुखिया ने बसपा के लोगों को गुमराह करने के लिए बसपा प्रमुख के प्रति गिरगिट की तरह रंग बदला है। इस संबंध में एक सवाल के जवाब में अखिलेश ने बाराबंकी में कहा कि समाजवादियों की कोशिश रही कि सभी विपक्षी दलों को जोड़ने का प्रयास हो। हमारी कोशिश रहेगी कि इंडिया गठबंधन मजबूत हो।
समाजवादियों ने हमेशा बसपा प्रमुख को सम्मान देने का काम किया।
अखिलेश ने कहा कि हमने तो यह भी संकल्प लिया था कि देश की प्रधानमंत्री उस वर्ग से हो, जिन्होंने हजारों साल समाज की तमाम बुराइयों का सामना किया। सपा तो उन्हें प्रधानमंत्री बनाने का सपना देख रही थी। उस दिशा में काम भी किया। वहीं, मायावती रंग बदलने की बात कह रही हैं, शायद उन पर कहीं से दबाव है।
कनाडा सरकार के आरोपों को लेकर भी बोला हमला
अखिलेश ने कनाडा सरकार के आरोपों को लेकर भी केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि क्या दूसरे देश में जाकर हमारी सरकार हत्या कराएगी। कनाडा के प्रधानमंत्री ने भारत की सरकार पर यह आरोप लगाया है और अमेरिका ने डबल एजेंट को पकड़ लिया है। सोचिए, विश्व गुरु का सपना दिखाने वाले किस आरोप में फंस रहे हैं। जब सच्चाई दुनिया के सामने आएगी, तब हमारा देश कितना अपमानित होगा कि भारत जैसा देश जो सहिष्णुता के लिए जाना जाता है, दूसरे देश में जाकर हत्या करा रहे हैं।