यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार द्वारा प्रदेश की पूर्व सरकारों के कामकाज पर लाए गए श्वेत पत्र पर जवाब दिया है और इसे झूठा करार दिया। लखनऊ में सपा कार्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने किसानों से कर्जमाफी के नाम पर धोखा किया है। वो खुद ही सर्टिफिकेट देख लेते। (गौरतलब है कि अखिलेश ने एक किसान को योगी सरकार द्वारा दिए गए कर्जमाफी सर्टिफिकेट की कापी ट्वीट की थी, जिसमें उसे एक पैसा माफ करने का सर्टिफिकेट दिया गया है।)
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जैसे मैं पूजा नहीं करवा सकता वैसे ही योगी जी से सरकार चलाने की उम्मीद करना दूर की बात है। पहले ये सरकार एक महीने में श्वेत पत्र लाना चाहती थी लेकिन इसी काम में छह महीने लग गए।
अखिलेश ने कहा कि एक्सप्रेस वे को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है कि कोई काम नहीं हुआ, जबकि इस सरकार ने काम रोक दिए वर्ना छह महीने में सब पूरा हो जाता। अब वहां हर रोज 10 हजार गाड़ियां चल रही हैं।
अखिलेश ने गन्ना किसानों के भुगतान के दावे पर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि सच तो ये है कि मंत्री जी के क्षेत्र में ही भुगतान नहीं हुआ।