मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अब जनता दर्शन या जनता दरबार नहीं लगाएंगे। यह निर्णय इस कार्यक्रम में लोगों के आने जाने से होने वाली समस्याओं और उनके अनावश्यक खर्च को बचाने के लिए किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि जनता दर्शन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लोगों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही सुनकर किया जाए। लोगों को लखनऊ आने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही अपनी समस्याएं बताकर समाधान कराना चाहिए।
मुख्यमंत्री बुधवार को अपने सरकारी आवास पर लखनऊ आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुन रहे थे। उन्होंने कहा, सभी अधिकारी प्रत्येक कार्य दिवस में निर्धारित समय में अपने कार्यालयों में मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं को सुनेंगे और शिकायतों व समस्याओं को सूचीबद्ध कर समाधान करेंगे।
उन्होंने इसके अलावा पार्टी के सांसदों व विधायकों से भी स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान कराने के लिए कहा है।