मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार इत्र कारोबार को प्रमुख उद्योग के रूप में स्थापित करना चाहती है। फ्रांस इस क्षेत्र में अपने अनुभव और महारत के चलते महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
फ्रांस और भारत के बीच मजबूत वाणिज्यिक संबंध रहे हैं। प्रदेश सरकार चाहती है कि इत्र कारोबार के क्षेत्र में पहल कर इन रिश्तों को और मजबूत किया जाए। मुख्यमंत्री रविवार को फ्रांस के सुगंध केंद्र ग्रासे में इत्र कारोबार को बढ़ावा दिए जाने के संबंध में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि ग्रासे दुनिया में सुगंध की राजधानी के तौर पर मशहूर है। उसी तरह उत्तर प्रदेश में कन्नौज प्रसिद्ध है। ग्रासे और कन्नौज के बीच कारोबारी रिश्तों से न सिर्फ भारत और फ्रांस के रिश्ते मजबूत होंगे, बल्कि इत्र कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।
इत्र कारोबार में भी मिलेंगे ढेरों रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि इत्र निर्माण में नई तकनीकों की मदद लेकर इत्र के कारोबार को लाभकारी बनाया जा सकता है। इससे जहां फूलों की खेती को बढ़ावा मिलेगा, वहीं रोजगार की नई संभावनाएं भी बनेंगी। फूलों की खेती कर रहे किसानों को समृद्ध किया जा सकेगा।
यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गुलकंद को वैट से मुक्त करने का निर्णय भी इत्र कारोबार को मजबूत बनाने के लिहाज से ही किया है। इस अवसर पर कन्नौज की सांसद डिम्पल यादव, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री अभिषेक मिश्रा, यूपीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक मनोज सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव जीएस नवीन कुमार, कन्नौज इत्र कारोबार के प्रतिनिधि मुशीद अहमद खान, पुष्प राज जैन, ग्रासे के मेयर जीरोम वॉयड, परफ्यूम एसोसिएशन के अध्यक्ष फिलिपे मासे, सुप्रसिद्ध परफ्यूम कंपनियों लुई विटॉन और शैनल के प्रतिनिधि मौजूद थे।