सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा नेताओं पर ज्यादा अपराधिक मुकदमें हैं। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हैं। पहले भाजपा पर कार्रवाई हो फिर सपा की बारी आए। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने मिलकर अब्दुला आजम सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं पर मुकदमे दर्ज कराएं हैं। सपा सरकार बनी तो राजनीतिक मुकदमें वापस लिए जाएंगे। वह मंगलवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
सपा की मान्यता खत्म करने संबंधित दायर याचिका के सवाल पर उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा। कहा कि जिन लोगों पर मुकदमे थे, उन्हें भाजपा ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री क्यों बनाया? अगर गंभीर मुकदमों की बात हो तो भाजपा कभी चुनाव नहीं लड़ पाएगी। उन्होंने कहा कि सपा के कई लोगों पर झूठे मुकदमे हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं पर भी दर्ज है। रामपुर कें एक जिलाधिकारी ने खुद के आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के लिए मनमानी तरीके से मुकदमे दर्ज करवाए। नाहिद हसन पर दर्ज मुकदमे भी इसी श्रेणी के हैं। उन्होंने किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा के लोग अन्नदाता को आतंकवादी कहते हैं तो किसानों द्वारा पैदा किया गया अनाज क्यों खाते हैं? किसानों के धान की लूट हो रही है। अभी गन्ने का बकाया भुगतान नहीं हो रहा है। कमाई आधी हो गई है और महंगाई दोगुनी हो गई है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उनके साथ कई दलों का गठबंधन है। यही वजह है कि भाजपा डर गई है। बगल में बैठे स्वामी प्रसाद मौर्य की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनके आने के बाद से भाजपा की बौखलाहट बढ़ गई है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि कृष्णा पटेल सपा के साथ आ गई हैं। उनके सपा गठबंधन में शामिल होते ही उनके साथ अन्याय होने लगा है। उनके ट्रस्ट की जांच शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारी उपक्रमों को बेच रही है। नोटबंदी से प्रदेश की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है और बैंक बंद हो रही हैं। इस दौरान उन्होंने सपा शासनकाल में हुए विभिन्न कार्यों को दोहराते हुए कहा कि सपा सरकार बनी तो बीपीएड टीईटी, शिक्षामित्र समेत तमाम उन संगठनों की समस्या का समाधान होगा, जिन्होंने ज्ञापन दिया है। एचसीएल जैसी कंपनियों को प्रदेश में लाने क प्रयास किया जाएगा, जिससे यहां के लोगों को रोजगार मिल सके।
कोविड प्रोटोकाल का पालन करने की अपील
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं एंव कार्यकर्ताओं से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोविड का पालन नहीं करने पर भाजपा सरकार सियासी हथकंडा अपनाते हुए संबंधित क्षेत्र में चुनाव प्रभावित कर सकती है। इसलिए सावधानी बरतें। भाजपा की तैयारी थी कि प्रदेश का चुनाव प्रचार वर्चुअल चलाना है। यही वजह है कि उसने पहले अपनी तैयारी की। इसके बाद वर्चुअल रैली का आदेश जारी करा दिया।
अखिलेश से मिले अब्दुल्ला
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मंगलवार सुबह अब्दुल्ला आजम ने मुलाकात की। दोनों के बीच करीब आधे घंटे बात हुई। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में कुछ सीटों को लेकर चर्चा हुई है। इसके बाद स्वामी प्रसाद मौर्य भी पहुंचे। फिर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, अब्दुल्ला आजम और स्वामी प्रसाद मौर्य संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस में पहुंचे। इस दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ आए कई लोगों ने सपा की सदस्यता ली।