बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने और जनता से सीधे जुड़े विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के लिए अखिलेश सरकार सूबे में सेवा का अधिकार (राइट टू सर्विस) कानून लाने की तैयारी कर रही है।
यानी अफसर और कर्मचारी अब काम करने में बहाने नहीं बना सकेंगे। सूत्रों की मानें तो इसका मसौदा भी तैयार हो गया है। इस कानून में स्वतंत्र रूप से एक सेवा का अधिकार आयोग बनाने का प्रस्ताव है। जल्द ही इसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
सूत्रों के अनुसार इसकी पहल खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ही की थी। उनकी हरी झंडी मिलते ही इसे कैबिनेट के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा। गौरतलब है कि बिहार, पंजाब, झारखंड, उत्तराखंड में यह कानून पहले से ही लागू है। हाल ही में महाराष्ट्र ने भी लागू किया है।
दिल्ली और केरल इस पर विचार कर रहे हैं। इन राज्यों में लागू कानून के आधार पर यूपी में भी मसौदा तैयार कराया गया है।