अखिलेश ने कहा कि पुलिस व सरकार के लोगों ने पहले पुष्पेंद्र यादव को खनन माफिया और फिर अपराधी बताया। अब छुटभैया नेताओं को आगे कर दिया है। झांसी और आसपास की जनता जानती है कि पुष्पेंद्र की हत्या हुई है। सरकार में बैठे लोगों को लगता है कि पुष्पेंद्र को न्याय मिल जाएगा तो लोगों का पुलिस से भरोसा उठ जाएगा, पुलिस का मनोबल गिर जाएगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की ठोंको नीति के चलते शासन-प्रशासन के माध्यम से हत्याएं कराई जा रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि लखनऊ में विवेक तिवारी की हत्या नहीं हुई, सुमित गुर्जर को नहीं मारा गया, नोएडा में एक युवक का मारने का प्रयास नहीं किया गया? पुष्पेंद्र को अपराधी बताने के सवाल पर उन्होंने मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना कहा कि सबसे ऊंची कुर्सी पर कौन बैठा है? एक मुख्यमंत्री अपने ऊपर हुआ मुकदमा वापस लेते हैं।
चीन के प्रधानमंत्री के दौरे पर अखिलेश ने कहा कि दो देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के बीच वार्ताएं होती रहती हैं। चीनी से कैसे संबंध है, यह सरकार का विषय है, लेकिन हम जानना चाहते हैं कि इस बार दिवाली पर चीन के पटाखे व झालर आएंगे या नहीं ? उन्होंने भाजपा के स्वदेशी प्रेम पर भी सवाल उठाया।
जितनी तेजी से ट्रेन चलेंगी, गरीबों के हक उतनी जल्दी मारे जाएंगे
रेलवे के निजीकरण के सवाल पर कहा कि जितनी तेजी से निजी ट्रेन चलेंगी, उतनी तेजी से गरीबों, अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़ों के हक मारे जाएंगे। सरकार धीरे-धीरे संवैधानिक संस्थाओं के अधिकारों को कम करती जा रही है।
श्रमण संस्कृति रक्षा संघ के बौद्ध भिक्षुक के दल ने बुधवार को अखिलेश यादव से भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दी। इसके अलावा बहुजन उत्थान पार्टी (जी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व कैबिनेट मंत्री केके गौतम ने प्रदेश में हो रहे उपचुनावों में सपा को समर्थन देने की घोषणा की हैं।
मिठाई लाल भारती और सुमित रत्न थेरा के नेतृत्व में भंते कुशला धम्मों (सारनाथ), मंगल वर्धन (फर्रूखाबाद), रतन शील (मैनपुरी), कमल शील (रायबरेली), गिरिमा नंद (ललितपुर) एवं मिलिंद रत्न (बदायूं) ने भेंट की।
मंत्रोच्चार के साथ उन्होंने अखिलेश के स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। कहा कि बौद्ध भिक्षु वैचारिक तौर पर उनके साथ हैं। महात्मा बुद्ध और डॉ. आंबेडकर की विचारधारा और उनके अनुयायियों का अखिलेश यादव पर भरोसा है।
अखिलेश यादव ने अपनी सरकार में किए गए कामों की जानकारी दी। सपा अध्यक्ष ने कहा कि बौद्ध धर्म का विचार भारत में जन्मा, यद्यपि इसका व्यापक प्रचार प्रसार भारत के बाहर ज्यादा हुआ है। भगवान बुद्ध ने अंधविश्वास का खंडन किया है। उनके द्वारा दिखाया गया अहिंसा और सत्य का मार्ग आज भी मानवता के लिए पथ प्रदर्शक है।