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बुंदेलखंड के लिए मिलेगा पेयजल पैकेज, केंद्र-राज्य मिलकर करेंगे काम

Sun, 08 May 2016 02:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ/नई दिल्ली
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : amar ujala
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सूबे में सूखे और बुंदेलखंड में पानी की सियासत के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच बैठक से बुंदेलखंड को पेयजल पैकेज और राज्य को रबी सहायता मिलने की संभावना बढ़ गई है।
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मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सूखे से निपटने के लिए प्रधानमंत्री से 10,600 करोड़ रुपये का जो पैकेज मांगा है, उसमें  इन दोनों मदों का हिस्‍सा करीब 2950 करोड़ है। मोदी ने बैठक में मौजूद अफसरों को निर्देशित किया कि सूखा राहत के लिए राज्‍य को दी जाने वाली मदद जल्द स्वीकृत की जाए।

मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान बुंदेलखंड की 24 पेयजल परियोजनाओं को जल्द स्वीकृति का मामला उठाया। ये परियोजनाएं 1689.38 करोड़ की हैं।  नीति आयोग के अधिकारियों ने बताया कि इनके परीक्षण का काम चल रहा है। जल्द ही इस पर निर्णय हो जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने पांच मई को केंद्र को भेजे 1261 करोड़ के रबी मेमोरेंडम की भी जल्द मंजूरी का आग्रह किया। देर शाम पीएमओ द्वारा जारी बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा कि सूखे से निपटने के लिए केंद्र और राज्य को साथ मिलकर काम करना होगा। बैठक के बाद सीएम ने भी मीडिया के बीच यही बात दोहराई।

पैकेज के साथ ही मनरेगा मजदूरी बढ़ाने की भी मांग की

- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री अखिलेश ने सूखे से निपटने के लिए प्रधानमंत्री से 10,600 करोड़ रुपये का पैकेज मांगा है। मुख्यमंत्री ने मोदी से मुलाकात में कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में मनरेगा की मजदूरी दर को बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन करने से सूखा पीड़ितों को राहत मिल सकेगी।

उन्होंने बुंदेलखंड की 24 पेयजल परियोजनाओं के लिए केंद्र की ओर से 1689.38 करोड़ रुपये जारी करने की जरूरत पर जोर दिया। अखिलेश के मांग पत्र में बुंदेलखंड के लिए पेयजल आपूर्ति के लिए 10 हजार टैंकरों के लिए केंद्र से फंड की मांग की गई है।

मुलाकात के बाद बदल गए सीएम के सुर
बुंदेलखंड के लिए केंद्र की ओर से पानी की ट्रेन भेजने पर तल्ख तेवर का इजहार करने वाले सीएम अखिलेश के सुर प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद बदले नजर आए।

उन्होंने कहा कि सूखे से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करना होगा। अखिलेश ने सूखे की समस्या से निपटने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात की पहल की भी तारीफ की।

बकाया पर कोई आश्वासन नहीं

- फोटो : amar ujala
सीएम ने वर्ष 2015 के सूखा और ओलावृष्टि में नुकसान की भरपाई के लिए मांगी रकम के बकाये 5800 करोड़ की मांग फिर की। पर, कोई आश्वासन नहीं मिला। केंद्र ने अपनी टीम की रिपोर्ट के आधार पर फैसला किया था, जिसने प्रदेश के मेमोरेंडम की समीक्षा कर सिफारिशें दी थीं।

... नहीं थमी सूखे पर सियासत: सूखे पर सियासत अभी थमी नहीं है। भाजपा ने यूपी सरकार पर बुंदेलखंड में सूखे से निपटने में गंभीरता नहीं बरतने का आरोप लगाया है। राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यूपी सरकार ने केंद्र से 10,600 करोड़ रुपये की मांग की है लेकिन इस समस्या से निपटने के लिए ठोस प्रयास अब तक नहीं किए। उन्होंने राहत कार्य में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया।
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भूख से मौत नहीं, मीडिया दिखाए सच

यूपी में पानी पर स‌ियासत - फोटो : amar ujala
सीएम अखिलेश ने बुंदेलखंड में भूख से मौत की बात को नकारते हुए मीडिया को सच दिखाने की नसीहत भी दी। उन्होंने कहा, सरकार ने सूखे से निपटने के समुचित कदम उठाए  हैं।

क्या ट्रेन से गांवों में पानी पहुंचाया जा सकता है?
अखिलेश ने पत्रकारों से बातचीत में पानी की ट्रेन को वापस भेजे जाने के सवाल पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने सवाल किया, क्या ट्रेन से गांवों में पानी पहुंचाया जा सकता है।

बुंदेलखंड में पानी है। गांव-गांव तक पानी पहुंचाना है, इसके लिए टैंकर की जरूरत है। दस हजार और टैंकर लगाने हैं। इसकी मांग केंद्र से की गई है। उन्होंने मीडिया पर कटाक्ष किया कि आप चमत्कारी हैं। दूसरे एंगल से फोटो निकालते हैं। उन्होंने बुंदेलखंड की गलत तस्वीर जारी करने पर एतराज जताया।
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