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Exclusive: अखिलेश बोले- 100 फीसदी सरकार बनाने के लिए किया गठबंधन

Thu, 23 Feb 2017 03:09 PM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : Social Media
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सपा सुप्रीमो व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भरोसा है कि वे सत्ता में दोबारा लौटेंगे। उनका मानना है कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) को प्रचार के लिए निकलना चाहिए। सपा उनकी पार्टी है। अखिलेश का कहना है कि 'काम बोलता है' नारे पर तो अब सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर लगा दी है।
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा समाजवादी पेंशन योजना की तारीफ उन लोगों के लिए करारा जवाब है, जो कोर्ट की ‌आड़ लेकर उनके नारे और सरकार की आलोचना कर रहे हैं। इसमें यह तो साबित हो ही गया कि समाजवादी सरकार गरीबों की चिंता करती है और उनके लिए काम कर रही है।

अखिलेश के मुताबिक चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन सबसे आगे है। भाजपा-बसपा तीसरे व चौथे नंबर की लड़ाई लड़ रही हैं। पीएम मोदी द्वारा राज्य सरकार पर धार्मिक आधार पर भेदभाव करने के आरोपों का जवाब देते हुए अखिलेश ने कहा कि उनकी सरकार मुस्लिम ही नहीं, हिंदू धर्मस्थलों व चर्च को भी 24 घंटे बिजली दे रही है।
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पीएम को तथ्यों के साथ बताना चाहिए कि कहां किसके साथ भेदभाव हो रहा है। मंगलवार को चुनावी दौरे से लौटकर मुख्यमंत्री ने अनिल श्रीवास्तव ने चुनाव और अन्य मुद्दों को लेकर विस्तार से बातचीत की...

तीन चरणों में सबसे आगे सपा-कांग्रेस गठबंधन

- फोटो : amar ujala
सवाल-- तीन चरणों में आधी से ज्यादा सीटों के  चुनाव हो चुके हैं। क्या संभावनाएं देख रहे हैं गठबंधन के लिए?

जवाब-- संख्या क्या बताऊं, बताना ठीक भी नहीं है। बस इतना समझ लीजिए कि सबसे आगे सपा-कांग्रेस गठबंधन है। पहले चरण में जहां माना जाता था कि गठबंधन का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहेगा वहां भी हमने अच्छा किया है। दूसरा चरण भी अच्छा गया। समझता हूं चौथे में भी अच्छा ही रहेगा।


सवाल-- पीएम मोदी आपकी सरकार पर धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं। क्या कहेंगे?

जवाब-- लखनऊ के किसी भी मुहल्ले में चले जाएं या यूपी में कहीं चले जाएं। हमारी योजनाएं सभी के लिए मिलेंगी। लैपटॉप हर जाति बिरादरी को दिए हैं। उनको लगता है कि कहीं भेदभाव है तो बताएं न कि कहां किया है? ऐसे कह देने से तो कुछ होता नहीं। हवा में तो कोई भी कुछ भी कह सकता है। देखिये अभी कल ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समाजवादी पेंशन गरीबों के लिए सबसे अच्छी योजना है। सुप्रीम कोर्ट मान रहा है लेकिन ये नहीं मान रहे हैं। हमने लैपटॉप सबको दिया। बिना भेदभाव के कन्या विद्याधन दिया। देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे बना दिया है।

क्या इस पर हम ही चलेंगे अकेले क्या? मेट्रो सबके लिए बनी है। बिजली सबको दे रहे हैं। उन्होंने कोई काम नहीं किया है इसलिए हमारे ऊपर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस भर्ती में 10वीं व 12वीं पास 32 हजार युवाओं की भर्ती कर दी वह भी केवल केवल दौड़ा करके।

बिना किसी इंटरव्यू और भेदभाव के भर्तियां कीं। सरकार बनी तो इसी तरह एक लाख भर्ती और कर देंगे। बताइये क्या भेदभाव हुआ होगा इसमें? उनके पास बताने और जनता को दिखाने के लिए कु छ है नहीं इसलिए ये बातें कह रहे हैं।

'प्रधानमंत्री के पास जानकारी व आंकड़े नहीं हैं'

- फोटो : facebook
सवाल-- क्या आपको लगता है कि भाजपा ध्रुवीकरण का कार्ड खेलने की कोशिश कर रही है?

जवाब-- उत्तर प्रदेश में ध्रुवीकरण इस बार नहीं चलेगा। कोशिश तो है। देखिए न, प्रधानमंत्री किस स्तर पर बात कर रहे हैं। या तो जानकारी नहीं है उनके पास या आंकड़े नहीं है। पता कर लेना चाहिए। केवल कब्रिस्तानों की बात कर रहे हैं। हमने तीन साल में श्मशानों के लिए भी पैसा दिया है। हिंदुओं में श्मशान किस तरह के बनते हैं ये आप भी जानते हैं। कब्रिस्तानों की बाउंड्री बनवाई गई है।

इसे इसलिए सुरक्षित कराया गया क्योंकि जो आसपास की आबादी रहती थी उसे दिक्कत होती थी। कई बार दफनाए हुए लोग दिखते लगते थे। किसी तरह का विवाद न हो इसलिए केवल उस जगह को सुरक्षित करने के लिए इंतजाम किए हैं।

हमने तो सबका ध्यान रखा है। नैमिषारण्य, अयोध्या, सारनाथ, बनारस कसया को 24 घंटे बिजली की व्यवस्था है तो देवा और किछौछा को भी किया। हमने तो हस्तिनापुर में चर्च को भी 24 घंटे बिजली का आदेश दिया। इसमें कहां से भेदभाव की बात आ गई?

प्रधानमंत्री जी बताएं कि उन्होंने क्या किया

- फोटो : amar ujala
सवाल-- पीएम मोदी आपकी सरकार पर बुंदेलखंड की उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं?

जवाब-- ये पहले प्रधानमंत्री हैं जो अपना कुछ नहीं बताते हैं। जब बुंदेलखंड में सूखा पड़ा तो हमने सबसे ज्यादा समाजवादी पैकेट से खाना दिया। बुंदेलखंड के लोगों को आज भी हमारा खाना याद है।

ओलावृष्टि में जिनका नुकसान हुआ था हमने उसकी भरपाई की। कालपी-हमीरपुर फोर लेन बनाई। बिजली 24 घंटे दे रहे हैं वहां। डैम बनाए। पानी का क्षेत्रफल बढ़ाया। तालाब खुदवा दिए। सोलर प्लांट सबसे ज्यादा बुंदेलखंड में लगवाए। हॉस्पिटल, मेडिकल कालेज बनाया। कृषि यूनिवर्सिटी खुलवा दी। मंडिया बनाईं। पराग दूध का प्लांट शुरू करा दिया।

इन्होंने तो खाली ट्रेन भेज दी थी। बुंदेलखंड को याद कि  हमने ही डिब्बों में दूध और घी भरकर दिया था। लैपटॉप व समाजवादी पेंशन दे दी। हमने तो इतना कर दिया। आपने क्या किया ये भी तो बताओ। ये देश के पहले प्रधानमंत्री होंगे जो अपना नहीं बताते कि उन्होंने क्या किया?

'100 फीसदी सरकार बनाने के लिए किया गठबंधन'

- फोटो : amar ujala
सवाल-- कांग्रेस के साथ गठबंधन की जरूरत क्यों पड़ी? क्या आपको अपने विकास के नारे व अपनी सरकार के कामकाज के दम पर सत्ता में वापसी का भरोसा नहीं था?

जवाब-- हमें भरोसा था लेकिन कोई बात एकदम पक्की हो जाए। ठोस हो जाए तो मै समझता हूं उससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता। ये एकदम ठोस और 100 परसेंट सरकार बनाने के लिए किया। लखनऊ के लोगों ने मेट्रो देखी, एक्सप्रेस-वे सड़क बनते देखी।

हमारा मानना है कि एक्सप्रेस-वे अगर गाजीपुर व बलिया से जुड़ जाएगा तो कितना लाभ होगा पूर्वांचल को। खुशहाली होगी पूर्वांचल में। मैने कहा कई बार कि इस सड़क पर जो चल लेगा वह समाजवादी पार्टी को ही वोट देगा।

आने वाले समय में प्रदेश व देस की सबसे बड़ी सड़क होगी ये और यूपी की तरक्की, अर्थव्यवस्था को बदलने वाली, शहर गांव को जोड़ने वाली, राजधानियों को जोड़ने वाली सड़क होगी। मै मंडिया भी बना रहा हूं उसके आसपास। इससे किसानों को काफी फायदा होगा।

'यादव बेल्ट में हो रहा है सपा का नुकसान'

- फोटो : amar ujala
सवाल-- पिछले दिनों परिवार और पार्टी में जो विवाद हुआ उसका कितना नफा-नुकसान देख रहे हैं? कहा जा रहा है कि इटावा, औरैया, मैनपुरी जैसी यादव बेल्ट में सपा का नुकसान हो रहा है?

जवाब-- कोई नुकसान नहीं है। परिणाम आएगा तो आप देख लेना। सब ठीक रहेगा। सब आपको ठीक लगेगा। इसमें कुछ नहीं है। सब केवल दुष्प्रचार किया जा रहा है।

सवाल-- क्या आपको लगता है कि नेताजी के चुनाव प्रचार में न निकलने का प्रभाव मध्य यूपी में सपा के प्रभाव वाली सीटों पर पड़ा है?

जवाब: नेता जी का आशीर्वाद गठबंधन के साथ है। नेताजी को निकलना चाहिए। अभी जाएंगे प्रचार में।

सवाल-- क्या आप उनसे कहेंगे प्रचार में जाने के  लिए?

जवाब-- ये कोई जरूरी नहीं है। नेताजी की पार्टी है। जब चाहेंगे तब जाएंगे प्रचार करने। अभी निकलेंगे। प्रचार के लिए जरूर जाएंगे।

सवाल-- कहां जाएंगे?

जवाब-- ये पता नहीं लेकिन जाएंगे। कोई नाराजगी नहीं है। उनका आशीर्वाद है हमारे साथ।

भाजपा ने उतार दी है पूरी फौज...

- फोटो : amar ujala
सवाल-- आपकी पार्टी से आपके अलावा दूसरे नेता प्रचार में बहुत सक्रिय नहीं है। कांग्रेस में भी राहुल के अलावा कोई खास सक्रिय नहीं है जबकि भाजपा ने पूरी फौज उतार रखी है?

जवाब-- आजम साहब निकल रहे हैं। किरनमय नंदा जा रहे हैं। नरेश उत्तम जा रहे हैं। पूरा हमारा संगठन लगा हुआ है। पूरे बूथ मैनेजमेंट पर काम हो रहा है। असली नेता तो वही होता है जो बूथ जिताता है। हर गांव में बूथ पर हमारे कार्यकर्ता हैं, प्रधान हैं, बीडीसी हैं। वो हमारे लिए मदद कर रहे हैं। हमें जिता रहे हैं।

सवाल-- इस चुनाव में कौन से खास मुद्दे प्रभावी दिखाई दे रहे है?

जवाब-- लोग विकास चाहते हैं खुशहाली चाहते हैं। कम से कम समाजवादी नीतियों पर भरोसा कर रहे हैं। जिस दिशा में समाजवादी लोग लेकर जा रहे हैं उसके अलावा कोई और रास्ता हो तो बताइये। बीजेपी से निराश हो गए हैं लोग।

सवाल-- अब तो सभी दल पूरी ताकत से मैदान में हैं? किससे मुख्य मुकाबला देख रहे हैं?

जवाब-- भाजपा और बसपा तीसरे और चौथे नंबर की लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारे आसपास भी कोई नहीं है। वे अपना तय करें कि किस नंबर पर रहें।

'मुसलमान अपना अच्छा-बुरा समझता है'

- फोटो : amar ujala
सवाल-- मुस्लिम मतों पर बसपा अपना दावा कर रही है। कई उलमा आपकी पार्टी की मुखालफत भी कर रहे हैं। कहीं यह नेताजी द्वारा आपकी सरकार पर अल्पसंख्यकों की उपेक्षा के लगाए गए आरोप का रिएक्शन तो नहीं? क्या आपको लगता है कि मुसलमान सपा से दूर हो रहा है?

जवाब-- मुसलमान अपना बुरा-भला अच्छी तरह समझते हैं। बसपा के बारे में पूरे प्रदेश की जनता जानती है। रक्षाबंधन मिलकर मना चुके हैं। राखी बांध चुकी हैं। गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए जा चुकी हैं। कैसे बताएंगी कि ये विपक्ष में बैठेंगी। कौन भरोसा करेगा कि ये हाथी और स्मारक नहीं बनाएंगी? कह रही हैं विकास करेंगे। कौन सा विकास करेंगी?
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'गायत्री मामले में सच जल्द ही सामने आ जाएगा'

- फोटो : amar ujala
सवाल-- गायत्री प्रजापति व अरुण वर्मा को लेकर विपक्ष आपकी सरकार पर हमलावर है। क्या कहेंगे?

जवाब-- मै अरुण वर्मा के यहां भी गया और गायत्री प्रजापति के यहां भी गया। इसलिए गया हूं कि बदायूं वाली घटना आपको याद होगी। देश और दुनिया का मीडिया व सभी पार्टियों के नेताओं ने आरोप लगाया। अंततोगत्वा निकला क्या? उसके परिवार वालों ने ही हत्या की थी।

इससे पहले वाले प्रकरण में अरुण वर्मा के खिलाफ हाईकोर्ट से जांच हो चुकी है और कुछ भी नहीं निकला। इसमें बहुत बड़ी साजिश दिखाई देती है। जांच चल रही है। देखिएगा कि सच्चाई क्या सामने आती है। यही बात मै प्रजापति के लिए कह रहा हूं। सच्चाई बहुत जल्दी सामने आएगी।

अभी मैं बहुत कुछ नहीं कहूंगा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एफआईआर हुई है। उनका आपस में क्या था? आने वाले समय में जांच के बाद क्या निकलेगा यह सामने आएगा लेकिन मैं कह सकता हूं कि कई बार ऐसी चीजें हो जाती हैं जिसकी सच्चाई बाद में सामने आती है। सबसे बड़ा उदाहरण बदायूं है।
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