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अखिलेश बोले, जो अफसर रिजल्ट देगा वही मेरा खास होगा

Sat, 17 Dec 2016 02:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शुक्रवार को आईएएस अफसरों के बीच पहुंचे तो बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आए। मौका था आईएएस वीक के दूसरे दिन कांफ्रेंस का।
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उन्होंने वरिष्ठ अफसरों के कामों को सराहा तो खरी-खरी भी सुनाई। नसीहत भी दी। उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट के बहाने अफसरों के बीच गुटबाजी पर भी चुटकी ली और कहा कि हमसे बेहतर इसे कौन समझ पाएगा।

लोकभवन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आईएएस अफसरों से साफ-साफ कहा कि जो अफसर रिजल्ट देगा वही उनका खास होगा। उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का जिक्र कर अफसरों के बीच गुटबाजी पर चुटकी ली।
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उन्होंने कहा कि आज देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे के रूप में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे बनकर तैयार है। इससे दूरी कम होगी, समय बचेगा। उन्होंने प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल का नाम लिए बिना कहा कि उस अफसर ने बहुत मेहनत की।

कभी-कभी ऐसा भी होता है कि उद्घाटन के एक दिन पहले कोई बात आ जाए तो शायद उद्घाटन न हो पाए। मैं यह कह सकता हूं कि कुछ भी हो उस अधिकारी में...लोग उस अधिकारी को कुछ भी कहें...लोग यह भी कहते हैं कि वह दूसरी सरकार के खास हैं, लेकिन मेरा कहना है कि जो अधिकारी हमें रिजल्ट दे देगा, वह मेरा खास है।

काम न हो इसलिए अफसरों ने लिख डाले लंबे-लंबे नोट

सीएम अखिलेश के सा‌थ आलोक रंजन। - फोटो : amar ujala
अखिलेश ने अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि उनके अच्छे कामों से ही सरकार की छवि बनती है। उनकी ईमानदारी से उनकी खुद की अच्छी छवि के साथ-साथ सरकार को भी फायदा होता है। उन्होंने कहा कि कई अधिकारी ऐसे हैं कि जिन्हें एक बार कह दिया तो दोबारा नहीं कहना पड़ा।

वहीं, ऐसे भी अधिकारी देखे जिन्होंने काम न होने देने के लिए लंबे-लंबे नोट लिख दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इधर अच्छा काम हुआ है। इसलिए जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया था, उनका उद्घाटन हो रहा है।

अगर आप अच्छा काम करते हैं, जनता को उसका फायदा मिलता है, तो सरकार की छवि बनती है। लेकिन यदि अधिकारी ईमानदारी से काम करता है तो उसकी खुद की अच्छी छवि बनती है, सरकार को भी फायदा होता है।

आईएएस भी चाहते हैं कि यही सरकार आए

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार पांच साल से आईएएस वीक का आयोजन हो रहा है। एक समय था, जब छह साल में एक भी नहीं हुई। लगता है इन अफसरों का हम पर ही भरोसा है। इसीलिए साल में दोबारा आईएएस वीक मनवाने के लिए कहा। आईएएस अधिकारी भी चाहते हैं कि यही सरकार आए।

मुख्यमंत्री ने कहा, लोग जल्दी उद्घाटन पर सवाल उठाते हैं, लेकिन कोई बताए कि आचार संहिता के बीच कौन फीता काटने देगा। हम वहीं उद्घाटन कर रहे हैं जहां 80 से 90 फीसदी काम पूरे हो चुके हैं। बाकी काम यही अधिकारी पूरा करेंगे।

...तो नाम में समाजवादी जोड़ दो
मुख्यमंत्री ने योजनाओं में समाजवादी नाम जोड़ने से जुड़े कई किस्से भी सुनाए। कहा, किसी ने कभी नाम की बात की तो मैंने कहा-नाम में समाजवादी जोड़ दो, अपने आप हो जाएगा। 108 एंबुलेंस धूल खा रही थी। संजय अग्रवाल प्रमुख सचिव स्वास्थ्य थे। उन्होंने एंबुलेंस चलवाई। नाम की बात आई, मैंने समाजवादी नाम रखा।

केंद्र की कांग्रेस सरकार एंबुलेंस से समाजवादी नाम हटवाने की बात लेकर कैबिनेट चली गई। कहा, यह नाम रहा तो मदद नहीं करेंगे। हमने साफ कह दिया कि समाजवादी शब्द संविधान में है, इसे हटा नहीं सकते। आप सहयोग देना चाहें दें, नहीं देना चाहें, न दें।

एंबुलेंस में अब भी समाजवादी नाम लिखा हुआ है। पेंशन की बात आई। मैंने समाजवादी पेंशन नाम रख दिया। गरीबों को मदद के पैकेट देने की बात आई तो समाजवादी पैकेट रख दिया।

नोटबंदी पर तंज : बुद्धिजीवियों से सतर्क रहने की जरूरत

मुख्यमंत्री ने नोटबंदी की चर्चा करते हुए कहा कि बुद्धिजीवियों की कही जाने वाली पार्टी ने लोगों को लाइन में खड़ा कर दिया। फील्ड वाले अफसर जानते हैं कि हालात कितने खराब हैं। कई जानें चली गईं, लेकिन लाइन कम नहीं हो रही। यह देश का कैसा दुर्भाग्य है? कभी-कभी बुद्धिजीवी गलत राय दे देते हैं। इनसे सतर्क रहना चाहिए।

गवर्नर साहब का आभार...उदय प्रताप जी का शुक्रिया
अखिलेश ने मुख्यमंत्री के नए कार्यालय भवन का नाम सचिवालय के इतर रखने के लिए राज्यपाल राम नाईक का आभार जताया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के सुझाव पर ही इसाका नामकरण हुआ। लोकभवन नाम मशहूर कवि उदयप्रताप जी ने सुझाया था।

इस भवन की यहां जरूरत इसलिए पड़ी ताकि सबसे व्यस्त सड़क से निकलने वाले व्यक्ति की नजर इस पर पड़े तो वह कहे कि यहां अच्छा आदमी बैठा है, उसे बैठे रहना चाहिए और यदि गलत आदमी हो तो इसे हटाना चाहिए। आज जनता कह रही है कि यही सरकार आए। उनकी सरकार को एक लिबरल सरकार के रूप में जाना जाएगा।

अच्छे अफसरों को शुक्रिया

सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रिजल्ट देने वाले शासन से फील्ड तक के अफसरों का शुक्रिया अदा किया। इनमें बिजली, आवास, एक्सप्रेस-वे, वन सहित कई महकमे शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव, आवास सदाकांत की ओर संकेत करते हुए कहा कि हमें बताया गया कि ये बहुत धार्मिक हैं।

उनके पास जाओ तो हो सकता है वह गीता, महाभारत और भजन से लेकर न जाने कहां की कौन-सी बातें बता दें लेकिन इन्होंने रिजल्ट दिया है। उनकी पूरी टीम को धन्यवाद, पंधारी को भी धन्यवाद।

अखिलेश ने कहा, मैं जब लखनऊ मेट्रो का शिलान्यास करने जा रहा था तो लोग कहते थे कि अहमदाबाद में 14 साल लग गए लेकिन मैं बधाई दूंगा उन अधिकारियों को (आलोक रंजन मुख्य सलाहकार सीएम) जिन्होंने लगातार मॉनिटरिंग की। मुख्य सचिव कार्यालय के अधिकारियों ने मेहनत की। लखनऊ मेट्रो चल पड़ी है। रुकने वाली नहीं है। कानपुर, वाराणसी और आगरा में भी मेट्रो आएगी।

आईएएस अफसरों को बताई दो चुनौतियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शहर के साथ गांव के कूड़े भी चुनौती बन रहे हैं। इसके अलावा ट्रैफिक मैनेजमेंट बड़ी चुनौती है। सपा सरकार ने इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखकर काम किए हैं। जब तक शेरशाह सूरी का नाम रहेगा, तब तक समाजवादियों का नाम रहेगा। उनका इशारा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की ओर था।

बुंदेलखंड के किसानों की मदद के लिए सराहा
मुख्यमंत्री ने सूखा व ओलावृष्टि के दौरान किसानों की मदद के लिए बुंदेलखंड में तैनात अफसरों की तारीफ की। उन्होंने कहा किकिसानों की मदद केलिए केंद्र से जो सहयोग मिलना चाहिए, नहीं मिला। इसके बावजूद हमने अपने संसाधनों से मदद की।

आगरा एक्सप्रेस वे के लिए जमीन दिलाने वाले अफसरों की तारीफ
मुख्यमंत्री ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन दिलाने वाले अफसरों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब देश में बहस चल रही थी कि जमीन कैसे ली जाएगी, तब उनकी सरकार व अधिकारियों ने मिलकर कम समय में इस एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन दिलाई। इसी तरह समाजवादी एक्सप्रेस-वे भी बनेगा। 40 फीसदी जमीन खरीदी जा चुकी है। बाकी जमीन के लिए अनुपूरक बजट में पैसे का बंदोबस्त कर रहे हैं। इससे खुशहाली आएगी।
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इन्हें भी सराहा

- मुख्यमंत्री ने गांवों में 18 घंटे और शहरों में 24 घंटे बिजली देने के लिए प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल, पावर कॉर्पोरेशन के एमडी एपी मिश्र व विशाल चौहान की तारीफ की।

- मंडी के काम को भी सराहा। पहले अनूप यादव मंडी के डायरेक्टर थे। इस समय राजशेखर हैं।

- पराग की बेहतर शुरुआत के लिए सराहा। उन्होंने कहा, इटावा लॉयन सफारी में भी अच्छा काम हो रहा है।

- मुख्यमंत्री ने कहा, पता नहीं क्यों पुलिस 100 नंबर नहीं लागू करना चाहती थी? यह नंबर लोगों की मदद कर रहा है। इसने व्यवस्था बदल दी।

- एंबुलेंस ने लोगों का विश्वास बढ़ाया है।

 - पशुपालन विभाग अब फोन आने पर किसानों के घर जाकर पशुओं का इलाज करेगा।

- मेगा कॉल सेंटर पर फीडबैक अच्छा रहा। 90 फीसदी लोग सरकार की योजनाओं की तारीफ कर रहे हैं।

- किसी सरकार ने इतने पौधे नहीं लगाए जितने समाजवादियों ने लगवा दिए। प्रमुख सचिव वन संजीव सरन की तारीफ करते हुए कहा कि इन्हें तमाम पौधों के नाम पता चल गए। कुछ तो लाभ मिला।

- ई-गवर्नेंस में बेहतर काम किया। लैपटॉप बांटे। आगे स्मार्टफोन बांटेंगे। कैशलेस व डिजिटाइजेशन वालों ने कुछ नहीं किया।
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