अयोध्या में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने गधे वाले बयान पर सफाई दी, सपा के काम गिनवाए साथ ही बसपा सुप्रीमो मायावती पर भी निशाना साधा।
अखिलेश ने कहा, हमने पुलिस की यूपी 100 सेवा शुरू करके कानून व्यवस्था सुधारने की कोशिश है। अब किसी भी वक्त पुलिस को फोन करें जवाब जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक की और नोटबंदी की। हम सबको धोखा दिया, प्रधानमंत्री बताएं कि आतंकवाद की कितनी घटनाएं कम हो गईं और कितना कालाधन इकट्ठा हो पाया?
अखिलेश ने फिर दोहराया कि धन कभी काला नहीं होता बल्कि हमारा लेन-देन काला सफेद होता है। मुख्यमंत्री ने कहा, हमने तो विज्ञापन की बात कही थी किसी का मजाक नहीं उड़ाया प्रधानमंत्री उस पर भी इमोशनल हो गए। उन्होंने तो हमारे एक्सप्रेस वे और मेट्रो का भी मजाक उड़ाया, हमने तो बुरा नहीं माना। अखिलेश ने कहा, प्रधानमंत्री कहते हैं कि हमारा काम नहीं एक्सप्रेस वे के गड्ढे बोलते हैं तो मैं उनसे कहना चाहूंगा कि एक बार एक्सप्रेस वे पर चलकर देखो, आप खुद साइकिल का बटन दबा दोगे।
उन्होंने कहा, बीजेपी वाले तो रमजान और दिवाली पर भेद करने लगते हैं। हमने तो दोनों त्योहारों में बिजली दी, अगर कोई कटिया डालता है तो हम कैसे पता कर सकते हैं कि किस बिरादरी ने कटिया डाली। फिर वो हम पर भेदभाव का इल्जाम कैसे लगा सकते हैं। हम रमजान दिवाली की बात नहीं कर सकते हैं। अखिलेश ने ये भी कहा कि हो सकता है कि प्रधानमंत्री को ही किसी ने गलत सूचना दे दी हो।
हम श्मशान नहीं स्मार्टफोन की बात करते हैं
अखिलेश यादव
अखिलेश ने कहा, हम श्मशान और कब्रिस्तान की नहीं बल्कि स्मार्टफोन और लैपटॉप की बात करते हैं। उन्होंने प्रत्याशी पवन पांडेय के लिए वोट भी मांगे। सीएम ने मायावती पर भी हमला बोला, बुआजी से सावधान रहना ये बीजेपी से मिली हैं और तीन बार रक्षाबंधन मना चुकी हैं। उन्होंने कहा, आजकल बुआजी बड़े लंबे-लंबे भाषण देने लगी हैं और विकास की बात भी करती हैं। इन्होंने अपना पूरा वोट बीजेपी को ट्रांसफर कर दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा, कोई गरीब बीमार हो जाए तो हमारा विधायक भी मदद करेगा साथ ही हमें चिट्ठी लिखकर भेज देना हम जरूर मदद करेंगे। अखिलेश ने कहा, अयोध्या फैजाबाद में घाट नेताजी ने बनवाए थे और हमने भजन स्थल बनवाए। हम फैजाबाद अयोध्या को अच्छा शहर बनाना चाहते हैं लेकिन बीजेपी के लोग इस शहर के नाम पर राजनीति करते हैं।
अखिलेश ने कहा, हम कसाब पर नहीं जाना चाहते। प्रधानमंत्री क से कांग्रेस और कसाब कह सकते हैं लेकिन हमने तो बचपन में क से कबूतर पढ़ा है। सीएम ने अम्बेडकरनगर के अकबरपुर में भी जनसभा की और राम मूर्ति वर्मा के लिए वोट मांगे।