समाजवादी पार्टी के गठन के 25 साल बाद पार्टी पूरी तरह अखिलेश यादव की हो गई है। बृहस्पतिवार को आगरा में सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी परिवार में सुलह की तरफ बढ़ती नजर आई।
अध्यक्ष के रूप में पांच साल के लिए अखिलेश यादव की ताजपोशी हुई तो उस पर मुलायम सिंह यादव व शिवपाल सिंह यादव की मुहर भी लग गई।
दोनों अधिवेशन में भले ही नहीं आए लेकिन अखिलेश को न केवल बधाई दी बल्कि आशीर्वाद भी दिया।
अखिलेश यादव पहली बार जनवरी 2017 में मुलायम सिंह यादव को हटाकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए थे। उनका चुनाव विशेष अधिवेशन में हुआ था।
इसके नौ माह बाद बृहस्पतिवार को ताजनगरी में सपा के 10वें अधिवेशन में वह दूसरी बार अध्यक्ष चुने गए। इससे पहले लगातार 24 साल मुलायम पार्टी अध्यक्ष रहे।
पहली बार अध्यक्ष के रूप में अखिलेश के निर्वाचन को खुद मुलायम सिंह ने चुनौती दी थी और विशेष अधिवेशन को पार्टी संविधान के खिलाफ बताया था। अब स्थितियां बदली हुई हैं।
कुछ दिन पहले ही मुलायम ने पुत्र के रूप में अखिलेश को आशीर्वाद दिया। इतना ही नहीं, 3 अक्तूबर को शिवपाल यादव ने अखिलेश को पुत्रवत बताया और आशीर्वाद दिया।
आगरा अधिवेशन में जब अखिलेश दूसरी बार अध्यक्ष चुने गए तो शिवपाल ने सबसे पहले ट्वीट कर उनकी ताजपोशी को मान्यता दी। उन्होंने लिखा, अखिलेश को हार्दिक बधाई, हृदय से शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद।
ये वही शिवपाल हैं जो पिछले नौ महीने से नेताजी के सम्मान वापसी की लड़ाई लड़ रहे थे और उन्हें फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे थे।