सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इलाहाबाद विवि में मंगलवार को धरने पर बैठे छात्र नेताओं पर हुए हमले की निंदा की। कहा, भाजपा सरकार की कुनीतियों के चलते प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है।
यादव ने बुधवार को बयान जारी कर कहा, प्रदेश के तमाम विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की आवाज दबाई जा रही है। लखनऊ विवि में प्रशासनिक तानाशाही का विरोध करने पर छात्रों को निलंबन, निष्कासन, पुलिस की प्रताड़ना व जेल का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, राजनीतिक द्वेषवश पूजा शुक्ला, माधुर्य सिंह, सृजन शुक्ला समेत 20 से अधिक छात्रों को मेरिट सूची में होने के बावजूद दाखिला नहीं दिया गया। इतना ही नहीं, शासन व विवि प्रशासन के अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने पर 14 छात्र 75 दिनों से लखनऊ जेल में बंदी बनाकर रखे गए हैं। इन छात्रों के भविष्य पर खतरा पैदा हो गया है।
एबीवीपी की हार से बौखलाए भाजपा-आरएसएस :
अखिलेश ने कहा, भाजपा-आरएसएस का नजरिया विरोध के प्रति नकारात्मक व असहिष्णुता का है। इसलिए छात्रसंघों के चुनाव टाले जा रहे है। वहीं जहां चुनाव हो रहे हैं, एबीवीपी की हार हो रही है। दुर्भावना, भेदभाव व राजनीतिक छुआछूत के आधार पर कार्रवाई से युवकों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने चेताया कि नौजवानों के प्रति द्वेषपूर्ण और क्रूरतापूर्ण आचरण उनके असंतोष को विस्फोटक रूप दे सकता है।