मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में बजट पर सामान्य चर्चा का जवाब देते हुए विपक्षी दलों, खास तौर से भाजपा और बसपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ का नारा लगाने वाले जमीन ही नहीं मांग रहे। क्या वे हवा में फैक्ट्री लगाएंगे?
यूपी से पीएम, गृहमंत्री, रक्षा मंत्री समेत कई मिनिस्टर हैं, भाजपा के सबसे ज्यादा सांसद यूपी से हैं, लेकिन केंद्रीय बजट में प्रदेश को क्या मिला? केंद्र का बजट कॉरपोरेट और बड़े लोगों के लिए है। इसमें किसानों के लिए क्या है? भाजपा (मोदी) ने अपनी बहुत ब्रांडिंग की। जब वादे पूरे नहीं होंगे तो ब्रांडिंग की ग्राइंडिंग होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा नेताओं ने भी लैपटॉप वितरण कार्यक्रम की आलोचना थी। अब केंद्र में उनकी पार्टी की सरकार वाई-फाई की सुविधा दे रही है। हालांकि वह असली चीज (लैपटॉप या कंप्यूटर) दे नहीं रही और वाई-फाई की आदत डाल रही है।
जैसे अंग्रेजों के जमाने में पड़ी चाय की आदत नहीं छूटी, वैसे ही वाई-फाई की आदत नहीं छूटेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, सपा सरकार प्रदेश में निवेश लाने में कामयाब रही है। हमने ‘मेक इन यूपी’ पर काम शुरू कर दिया है। पिछली सरकार ने सूबे में सूटकेस छिन जाने की छवि बनाई थी, वह खत्म हो गई है।
धर्म को लेकर भाजपा पर चोट
अखिलेश ने भाजपा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वे धर्म की बहुत बातें करते हैं लेकिन चिंता हमें ज्यादा है। उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा सरकार ने पारिजात के पौधे लगवाए थे।
हमारी सरकार ने अयोध्या की 14 कोसी परिक्रमा में पारिजात लगवाए हैं। उन्होंने भाजपा से पूछा, क्या श्रवण यात्रा कराई, क्या मानसरोवर यात्रा पर सब्सिडी दी? सपा सरकार अयोध्या का विकास कर रही है। मथुरा-गोवर्धन का भी विकास कराएंगे।
जल्द लाएंगे गाय के दूध के प्रोडक्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा गाय का जिक्र करती है लेकिन उसकी चिंता नहीं करती। हमने इस दिशा में काम किया है। जल्द ही पराग के जरिये गाय के दूध के प्रोडक्ट मार्केट में लाएंगे। अभी तो पता ही नहीं लगता है कि दूध गाय का है भैंस का। गाय के दूध पर किसानों को बोनस भी देंगे।
केंद्र से नहीं मिलते पत्रों के जवाब
सीएम ने कहा कि वे केंद्र सरकार को कई पत्र लिख चुके हैं लेकिन जवाब नहीं मिलते। अब एक पुस्तिका के रूप में सभी पत्र सांसदों को भेजे गए हैं। इससे उन्हें संसद में यूपी के मुद्दे उठाने में आसानी होगी।
सीएम ने माना, गन्ना किसान संकट में
अखिलेश ने कहा कि प्रदेश में गन्ना किसानों का संकट बढ़ा है। उनका पिछले सत्र का भुगतान तो लगभग मिल गया, लेकिन इस साल का काफी बकाया है।
पिछले सीजन में किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए 700 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी। इस साल दो हजार करोड़ रुपये देंगे। हालांकि मुख्यमंत्री ने गन्ना किसानों के संकट के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
मौर्य अच्छे, लेकिन गलत पार्टी में
सीएम ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य अच्छे आदमी हैं, लेकिन गलत पार्टी में हैं। उन्होंने जाहिद बेग की तरफ इशारा करते हुए कहा कि सपा में भी मौर्य की टक्कर का विधायक है। दोनों की तस्वीर एक साथ छप जाए तो पहचानना मुश्किल हो जाएगा।