सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी में हो रही हिंसा पर बीजेपी सरकार को घेरा। सहारनपुर में हुई हिंसा पर उन्होंने कई सवाल उठाए। अखिलेश ने कहा, लोकतंत्र की जो तस्वीर दिखाई जा रही है वो खतरनाक तस्वीर है।
सहारनपुर घटना पर सपा के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल की रिपोर्ट जारी करते हुए अखिलेश ने यादव ने कहा, पांच लोगों की कमेटी बनाकर सहारनपुर भेजा था, कमेटी मौके पर गई तो प्रतिनिधियों को गेस्ट हाउस से बाहर नहीं निकलने दिया गया। अखिलेश ने कहा, जैसा कि हमें पता चला है ये दंगा बीजेपी विधायकों और सांसद ने मिलकर करवाया था जिससे कि पूरे प्रदेश में आग लगाई जा सके।
अखिलेश ने इस घटना की न्यायिक जांच की मांग की और कहा कि ऐसी घटना इतिहास में कहीं नहीं मिलती। उन्होंने कहा वहां मीडिया और पुलिस तक को मारा पीटा गया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, आपने यूपी की जनता से कहा कुछ और था और कर क्या रहे हैं। हम पर आरोप लगता था कि गुंडों की पार्टी है, थाने में गुंडे हैं। हमें भी गुंडा कहा गया क्योंकि हम अगर नेतृत्व कर रहे हैं तो हम भी हुए। हमारे वक्त में हर घटना में टीवी में हमारी फोटो लगाकर खबरें चलाते थे। बदायूं की घटना में तीन महीने मेरी फोटो लगाकर खबर चलाई गई। अब किसी की हिम्मत नहीं है जो फोटो लगा दे।
उन्होंने कहा कि हमारे समय में तो गुंडाराज कहा जाता था अब तो हिम्मत नहीं है किसी की शिकायत कर दें। अब सरकार की सहारनपुर से परीक्षा है कि वे अपने विधायकों और सांसदों पर कितनी कार्रवाई करेंगे।
सबके घर लड़ाइयां होती हैं टीवी वालों को हमारा ही घर मिला
फाइल फोटो
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बाबा साहब की जयंती मना लेना वोट लेने का आसान तरीका है। छत्तीसगढ़ में जो घटना हुई है वो दुखद है। अब कितनी जान जाएगी? सरकार ने कहा था नोटबंदी से सबसे बड़ा नुकसान नक्सलवाद को होगा।
अखिलेश ने मांग की कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को रोडमैप तैयार करना होगा। सरकार आसानी से पता कर सकती है कि असलहे और बारूद कहां से आ रहे हैं। बातचीत और सख्ती दोनों रास्ते खुले होने चाहिए। ये कोई छोटा मामला नहीं है।
ईवीएम पर अखिलेश ने फिर सवाल उठाया कि हर जगह बटन दबाने पर कमल को ही वोट क्यों जाता है, साइकिल पर क्यों नहीं जाता। अगर आदमी मशीन ठीक करता है तो आदमी ही खराब भी कर सकता है।
योगी सरकार के महापुरुषों की छुट्टियां रद्द करने के सावल करने पर अखिलेश ने कहा, मैं समझता हूं, समाजवादी लोगों ने सबसे ज्यादा छुट्टी बढ़ाई। कुल्हाड़ी पेड़ तभी काटती है जब उसमें लकड़ी लगी रहती है। हो सकता है कि मैंने तभी छुट्टी की हो जब कुछ लोग मेरे पास सिफारिश लेकर आएं हों।
अखिलेश ने कहा, मुझे एक सीनियर पत्रकार ने कहा था, आपके चुनाव हारने का कारण ये भी है कि आपके घर का झगड़ा टीवी पर बहुत चला। अखिलेश बोले, अरे टीवी वालों हमारा ही घर मिला, दूसरों के घर में भी लड़ाइयां होती हैं।
अखिलेश ने कहा, विधानसभा में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाएंगे। एंटी रोमियो स्क्वायड वही पुलिस है बस नाम बदल दिया गया।
एंबुलेंस से समाजवादी हटा दिया अब लैपटॉप से फोटो हटाने की कोशिश हो रही है। समाजवादी पेंशन के लिए पैसा नहीं होगा बहाना कर दिया कि जांच करेंगे। गरीबों की जांच क्या जांच की जाएगी।