समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को भाजपा सरकार पर एक बार फिर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत चुनावों में भाजपा ने लोकतंत्र का खुलकर मजाक बना दिया है।
मालूम हो कि जिला पंचायत अध्यक्ष चुनावों में समाजवादी पार्टी को करारी हार मिली है और भाजपा को इसका बेजोड़ फायदा मिला है। इस हार को सपाई भितरघात का भी परिणाम मान रहे हैं। इसे लेकर नेताओं और कार्यकर्ताओं में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
कई जगह हार को लेकर आला कमान ने जिलाध्यक्ष से जानकारी ली है। साथ ही पूरी स्थिति की समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के दरबार में कुछ दिग्गजों की क्लास भी लग सकती है और उन पर कार्रवाई भी हो सकती है।
वहीं उत्तराखंड में राजनीतिक उलटफेर के बाद भी अखिलेश यादव ने यूपी की भाजपा सरकार से इसकी तुलना कर डाली थी। उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों की हालत एक जैसी हो गई है। यूपी में लोकतंत्र चोटिल हुआ है तो उत्तराखंड में लोकतंत्र अस्थिरता का शिकार हो गया है। दोनों राज्यों में बेरोजगारी, महंगाई बढ़ी है। स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। भ्रष्टाचारियों का बोलबाला है। विकास अवरुद्ध है।
उन्होंने उत्तराखंड के सियासी हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि भाजपा को यूपी के मुख्यमंत्री को उत्तराखंड भेज देना चाहिए। ताकि नेतृत्व परिवर्तन के झंझट से मुक्ति मिल जाए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि दोनों प्रदेशों में किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। व्यापारी परेशान हैं। नौजवानों का भविष्य अंधकारमय है। उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र रसातल पर है। जनता में भाजपा सरकार के प्रति असंतोष बढ़ता जा रहा है। दोनों राज्यों में पलायन की समस्या समान रूप से गंभीर है।