पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डीएपी के दाम बढ़ाने को लेकर योगी सरकार पर बृहस्पतिवार को हमला बोला और इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि डीएपी के बढ़े दाम किसानों पर सरकार की दोगुनी मार के समान है। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि किसान पहले से ही फसल का उचित दाम न मिलने के कारण परेशान हैं। अब उनकी परेशानी और बढ़ चुकी है क्योंकि डीएपी के दाम में 300 रुपये तक वृद्धि हो चली है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों पर अत्याचार बंद करके डीएपी के बढ़े दाम वापस ले। गौरतलब है कि अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में डीएपी के बढ़े हुए दामों पर एक खबर प्रकाशित की है। अखिलेश यादव ने उसी का संज्ञान लेते हुए भाजपा सरकार को घेरा है।
उधर, राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय सचिव अनिल दुबे ने डीएपी के दामों में एक साथ 300 रुपये प्रति बैग की गई वृद्धि को किसानों पर अत्याचार बताया है। उन्होंने सरकार से बढ़े हुए डीएपी के दाम तत्काल वापस लेने की मांग की है। अनिल दुबे ने कहा कि भाजपा किसान विरोधी सरकार है और किसानों को गुलाम बनाने पर आमादा है। महंगाई की मार झेल रहे किसानों को राहत देने की बजाए सरकार ने डीएपी के दामों में भारी वृद्धि करके उनकी कमर तोड़ कर रख दी है। किसान पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, बिजली के बढ़े दाम और फसलों का उचित मूल्य न मिलने के कारण पहले से परेशान हैं। भाजपा सरकार ने किसानों को तबाह और बर्बाद करने वाले तीन कृषि कानूनों को लागू कर दिया है। सरकार किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य देने मे पूरी तरह फेल रही है। पिछले 04 वर्षों में गन्ने के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई और न ही लागत का डेढ़ गुना देने पर विचार किया गया है।